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देहरादून: शहर की 10 बड़ी कंपनी और फर्मों पर शिकंजा कसने की तैयारी, होगी करोड़ों रुपये की वसूली

Fri, 31 Jan 2020 09:47 AM IST
अलका त्यागी हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • रेरा, बैंक, बिजली, वाणिज्य कर, स्टांप देय के दस करोड़ से अधिक का है बकाया  
  • जिला प्रशासन जल्द कुर्की, नीलामी और वसूली की करेगा कार्रवाई
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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देहरादून में रेरा, बैंक, बिजली, वाणिज्य कर, स्टांप देय के दस बड़े बकायेदारों के खिलाफ जिला प्रशासन जल्द ही कुर्की, नीलामी और वसूली की कार्रवाई करेगा। इन पर करीब दस करोड़ से अधिक का बकाया है। नोटिस व समन देने के बाद भी इन्होंने बकाये की राशि जमा नहीं की। जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। 

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दून में दस व्यक्ति, फर्म और कंपनी ऐसी हैं, जिन पर बैंक, स्टांप, वाणिज्य कर, बिजली और श्रमिकों के 10 करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। बकाये के लिए संबंधित विभागों की ओर से उन्हें नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने बकाये की राशि जमा नहीं की।

जिसके बाद संबंधित विभाग की ओर से उनकी आरसी काटकर जिलाधिकारी के माध्यम से वसूली की कार्रवाई की मांग की गई। जिसके बाद जिला प्रशासन की ओर से भी इन्हें समन जारी कर बकाया राशि जमा करने का मौका दिया गया, लेकिन इसके बाद भी जिन्होंने बकाये की धनराशि जमा नहीं की उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इनमें से कुछ की संपत्ति कुर्क  की जा चुकी है और नीलामी की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि कुछ ऐसे हैं, जिनकी संपत्ति कुर्क  करने की कार्रवाई की जा रही है। 
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 मैसर्स जेपी एसोसिएट पर बिजली निगम के 18961430 रुपये बकाए हैं, उन्हें नियमानुसार समन जारी किया गया लेकिन इसके बाद भी उन्होंने बकाया धनराशि जमा नहीं की। जिसके बाद उनके संपत्ति की कुर्की और नीलामी की कार्रवाई की गई, लेकिन बकायेदार ने कोर्ट से स्टे ले लिया। जिसके बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई स्थगित की गई है। जल्द ही दोबारा से कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

वहीं एमए बिल्डटेक के खिलाफ अनिता ममगाईं ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई थी। धनराशि अदा करने के बाद भी शिकायतकर्ता को फ्लैट नहीं मिला था। रेरा की ओर से इसके लिए बिल्डर पर कार्रवाई की चेतावनी दी लेकिन इसके बाद भी फ्लैट नहीं मिला तो संपत्ति की कुर्की कर दी गई और अब जल्द ही नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से सिक्का बिडर्स की आवासीय परियोजना को कुर्क कर दिया गया है। उनके खिलाफ रेरा में शिकायत दर्ज की गई थी। 

ये हैं बडे़ बकाएदार

बकायेदार                      बकाया     विभाग
- मैसर्स जेपी एसोसिएट,   18961430, बिजली निगम 
- एमए बिल्डटेक,              10405202 रेरा
- मैसर्स ट्रेडिंग कंपनी,         7095855 वाणिज्य कर
- यश इलेक्ट्रिक सिस्टम,       6058888, वाणिज्य कर
- बिरला पावर सोल्यूशन,       47135098, श्रमायुक्त 
- रचना पंडित,                    3075050, स्टांप देय
- सनी अग्रवाल, 2208885, बैंक देय
- मैसर्स आईट्रोन इंडिया, 2286992, वाणिज्य कर
- सीमा मेहता, 1877150, स्टांप देय
- सुमित्रा बलूनी, 1672125, बैंक देय
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इन पर होगी ये कार्रवाई

- जेपी एसोसिएट पर कोर्ट से स्टे के कारण वसूली की कार्रवाई स्थगित है। जल्द की कार्रवाई की जाएगी। 
- एमए बिल्डटेक की संपत्ति की कुर्की कर दी गई है। नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- मैसर्स ट्रेडिंग कंपनी पर वाणिज्य कर का बकाया है। समन के बाद भी धनराशि जमा नहीं की गई। संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।
- यश इलेक्ट्रिक पर भी वाणिज्य कर का बकाया है। शमन जारी कर वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
- बिरला पॉवर सोल्यूशन को श्रमायुक्त की ओर से बकाये का नोटिस दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी संबंधित के कोई धनराशि जमा नहीं की। अब कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। 
- रचना पंडित पर स्टांप का बकाया है। उन्होंने लगभग 18 लाख की धनराशि जमा कर दी है, कुर्की का नोटिस भेजा गया है।
- सन्नी अग्रवाल पर बैंक का बकाया है। संपत्ति कुर्क कर नीलामी प्रक्रिया की गई, लेकिन कोई बोलीदाता नहीं आने के कारण अब दोबारा से नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 
- मैसर्स आईट्रोन पर वाणिज्य कर का बकाया है। समन जारी कर वसूली का प्रयास किया जा रहा है। 
- सीमा मेहता पर स्टांप का बकाया है। समन जारी कर दिया गया है, जल्द ही वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
- सुमित्रा बलूनी पर बैंक लोन का बकाया है। उन्होंने 50 हजार रुपये जमा कर दिए हैं। उन्हें 50 हजार रुपये किश्तों में जमा करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने रुपये जमा नहीं किए जिसके बाद उसने वसूली की कार्रवाई की जा रही है। 

जितने भी बकायेदार हैं, उन्हें नियमानुसार पहले समन दिया गया। इसके बाद भी जिन्होंने बकाया नहीं चुकाया उनके खिलाफ कुर्की, नीलामी आदि की कार्रवाई की जा रही है।
- मुकेश रमोला, तहसीलदार 
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