पहले और दूसरे स्टेज में हारने पर शारीरिक यातना देनी होती है जबकि अंतिम स्टेज पर हारने पर आत्महत्या तक पहुंचा देता है। मोमो चैलेंज गेम के संबंध में बच्चों को जागरूक करने के लिए सीबीएसई ने स्कूलों को आदेश जारी किए हैं ताकि बच्चे गेम के हानिकारक परिणामों से परिचित हो सकें। बोर्ड के आदेश मिलने के बाद शहर के कई स्कूलों बच्चों को इस गेम के नुकसान बताए जा रहे हैं।
इस बाबत सीबीएसई की ओर से ई मेल के माध्यम से आदेश आए थे, जिसके बाद बच्चों को जागरूक किया गया है। साथ ही असामान्य व्यवहार करने वाले बच्चों पर विशेष निगाह रखी जा रही है।
-माला चौहान, सिटी कोऑर्डिनेटर, सीबीएसई
स्कूलों ने तो बच्चों की सुरक्षा की मद्देनजर जागरुकता अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन अभिभावकों को भी बच्चों पर विशेष ध्यान रखना होगा। यदि बच्चा असामान्य व्यवहार करता है, तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत मनोवैज्ञानिक की सलाह लें। बच्चों को अकेला न छोड़ें।
मोमो चैलेंज खेलने वालों के लक्षण
असामान्य व्यवहार करना
शरीर पर कोई निशान होना
बच्चे का अक्सर सुस्त रहना
बच्चे का चिड़चिड़ा हो जाना
अक्सर का अकेले रहना आदि
ऐसा कहा जा रहा है कि यह चैलेंज पहले फेसबुक पर शुरू हुआ जहां लोगों को एक अनजान आदमी से अनजान नंबर के जरिए संवाद करने को कहा गया। ऐसी खबरें हैं कि इस गेम का लिंक वॉट्सऐप के जरिए प्रसारित हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अगस्त में अर्जेंटीना में इस चैलेंज से पहली मौत का मामला सामने आया। वहां 12 साल की एक लड़की ने अपने टास्क को फोन पर फिल्माया और इसके बाद सूइसाइड कर लिया। अर्जेंटीना पुलिस ने इसके बाद अभिभावकों से अपने बच्चों की मॉनिटरिंग करने को कहा।