इसके लिए संघ के सभी पदाधिकारियों को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम को सक्रिय राजनीति से दूर रखा गया है। किसी भी कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन को नहीं बुलाया गया है।
हालांकि, संभावना है कि शिष्टाचार के तौर पर उनकी भाजपा प्रदेश नेतृत्व से मुलाकात होगी। इसके अलावा हरिद्वार के धर्म गुरुओं और संतों के साथ भी उनकी औपचारिक मुलाकात हो सकती है।