अब केंद्र से यह अनुमति मिलने के बाद वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को देख रहे नोडल विभाग ने एक हेक्टेयर तक के प्रस्तावों के अनुमोदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक वन भूमि हस्तांतरण के 60 प्रतिशत मामले एक हेक्टेयर से कम के ही हैं। सड़क, पेयजल सहित अन्य कामों में इससे काफी तेजी आएगी।
सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग प्रभावित
भूमि हस्तांतरण के मामलों को इस समय केंद्र सरकार के पोर्टल परिवेश के माध्यम से निस्तारित किया जा रहा है। वन भूमि हस्तांतरण के 546 मामले विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। 3691 मामलों में 42489 हेक्टेयर वन भूमि का हस्तांतरण राज्य गठन से अब तक किया जा चुका है। लंबित मामलाें में सबसे अधिक लोक निर्माण विभाग के हैं। सालों से मामले लंबित रहने के चलते वन मंत्री हरक सिंह ने जिला स्तर पर जिलाधिकारियों को प्रभागीय वन अधिकारियों से मिलकर प्रस्तावों की हर माह समीक्षा करने का आदेश भी दिया था।
एक हेक्टेयर तक की वन भूमि के हस्तांतरण का अधिकार राज्य सरकार को मिल गया है। इससे राज्य को खासा फायदा होगा। वन भूमि हस्तांतरण के अधिकतर मामले एक हेक्टेयर तक के वन भूमि के हस्तांतरण के ही हैं। अब कई योजनाओं के निर्माण में तेजी आ सकेगी।
- अरविंद सिंह हयांकि , प्रभारी सचिव, वन