एनडीएमए के सलाहकार और इस तरह के मामलों के विशेषज्ञ मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) वीके दत्ता के मुताबिक मॉक ड्रिल में बुरे से बुरे हालात की कल्पना की जाएगी। आपदा की शुरूआत एक बड़े भूकंप से होगी।
इस भूकंप के बाद रासायनिक कारखानों में गैस रिसाव, एलपीजी वाले कारखानों में गैस सिलेंडरों के फटने जैसे हालात सामने आएंगे। इससे आपदा प्रबंधन की शब्दावली में वर्स्ट केस सिनेरियो कहा जाता है।
नागरिकों को भी करेंगे जागरूक
वीके दत्ता के मुताबिक किसी कारखाने में हादसे से आसपास के लोग भी प्रभावित होते हैं। चुनौती है कि इन लोगों को कैसे प्रभावित न होने दिया जाए। सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी के मुताबिक हादसों से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। उद्योगों को भी सुरक्षा संबंधित व्यवस्था का पूरा जायजा लेने को कहा गया है।