जिले के कई क्षेत्रों में स्मैक का नशा भी तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही बाजारों से दूर सुनसान जगहों पर सफेदा, बाम, भांग के पत्ते व गिट्टी सहित पेपर सिगरेट के साथ नशे के लिए पेट्रोल आदि का सेवन करने वालों की संख्या भी दिनोंदिन बढ़ रही है। कई युवा तो प्रतिबंधित नशे की गोलियों का सेवन कर रहे हैं।
विधायक पर भी हो चुका हमला
अवैध शराब का विरोध करने पर बीते वर्ष कुछ लोगों द्वारा केदारनाथ विस के विधायक मनोज रावत पर भी जानलेवा हमला किया गया था। उनका कहना था कि क्षेत्र में काफी समय से अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है, जिसका युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
75 मामलों में 79 लोगों को पकड़ा
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में जनपद रुद्रप्रयाग में अवैध शराब की बिक्री के 75 मामलों में 79 लोगों को पकड़ा गया था। साथ ही शराब की सप्लाई में उपयोग किए जाने वाले 24 वाहन भी सीज किए गए हैं।
जिला अस्पताल में हर माह नशे से पीड़ित 25 से 30 मरीज पहुंचते हैं। इनमें शराब और भांग के मामले सबसे अधिक हैं। पिछले कुछ समय से अन्य नशा सेवन के मामले में भी आए हैं। देखादेखी के चलते पहले किशोर/युवा शौकिया तौर पर नशा करते हैं, बाद में वे आदी हो जाते हैं, जिससे छुटकारा दिलाने के लिए नियमित काउंसलिंग और उपचार जरूरी है।
-राजीव गैरोला, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग
जनपद में नगर से लेकर गांवों तक अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए सभी थाना और चौकियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हाईवे और थाना-चौकी से लगे संपर्क मोटर मार्गों पर गश्त बढ़ाई जा रही है।
-नवनीत सिंह, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग