एसडीआरएफ ने बृहस्पतिवार को पूरे राज्य में एक साथ मॉक ड्रिल कराई। भूकंप, जल दुर्घटना, भूस्खलन और सड़क दुर्घटनाओं की सूचनाओं पर टीमों ने सुरक्षात्मक कार्यों का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल में रुद्रपुर, उजेली और जोशीमठ की टीम अव्वल रही। इन टीमाें को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
एसडीआरएफ जौलीग्रांट मुख्यालय के कंट्रोल रूम से सेनानायक तृप्ति भट्ट के निर्देशन में राज्य की सभी पोस्टों पर एक साथ मॉकड्रिल की गई। सेनानायक भट्ट ने बताया कि कंट्रोल रूम से टीमों को सड़क दुघर्टना, भूकंप, भूस्खलन और जल दुर्घटना की काल्पनिक सूचनाएं देकर तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कराया गया।
टीम ने ऋ षिकेश के बाढ़वाला और नैनीताल के खैरना में जल दुघर्टनाओं की मॉकड्रिल की। भूकंप जैसी आपदाओं में इंस्साज मार्किंग के अलावा लाइन सर्च और हेलिंग सर्चिंग विधि का उपयोग किया। अल्मोड़ा में सरियापानी, पिथौरागढ़ में अस्कोट पुलिस लाइन, यूएसनगर में रुद्रपुर, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर के अलावा देहरादून के जौलीग्रांट, चकराता और सहस्त्रधारा में मॉकड्रिल की।
सेनानायक ने बताया कि इसका मकसद कार्यक्षमता को बढ़ाना, कम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कराना, उपकरणों का बेहतर प्रयोग कर तालमेल को बढ़ाना था। उन्हाेंने बताया कि सभी टीमाें का रिस्पांस सराहनीय रहा।
रुद्रपुर की टीम सबसे कम समय में पहुंची
मॉक ड्रिल में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमाें की बृहस्पतिवार शाम घोषणा की गई। सेनानायक तृप्ति भट्ट ने बताया कि रुद्रपुर की एसडीआरएफ टीम ने घटनास्थल पर रवाना होने में सबसे कम दो मिनट का समय लिया। इसके अलावा उत्तरकाशी की उजेली और चमोली जिले के जोशीमठ में तैनात टीम का रिस्पांस टाइम ढाई मिनट के करीब रहा