पार्टी के भीतर ही एक वर्ग ऐसा है जो ये मानता है कि काऊ के खिलाफ संगठन उतनी सख्ती से पेश नहीं आएगा जितनी सख्ती उसने विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के मामले में दिखाई थी। मौजूदा प्रकरण में काऊ चैंपियन जितने कमजोर नहीं माने जा रहे हैं।
जवाब को लेकर कयासबाजी शुरू
विधायक काऊ के जवाब दिए जाने के बाद अब उसे लेकर सियासी हलकों में कयासबाजी शुरू हो गई है। सूत्रों का मानना है कि काऊ अपने पक्ष में यह दलील दे सकते हैं कि उनके चुनाव क्षेत्र में जिपं चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने एक बार भी उन्हें प्रचार में नहीं बुलाया।
वे पार्टी नेतृत्व को यह सबूत भी दे सकते हैं कि पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के पोस्टरों और बैनरों से वे पूरी तरह गायब हैं। इसके विपरीत विधायक गणेश जोशी और खजान दास की तस्वीरें चुनाव प्रचार सामग्री में इस्तेमाल हो रही है। इतना ही नहीं काऊ ये रोना भी रो सकते हैं क्षेत्र में भाजपा के कार्यक्रमों में उन्हें नहीं बुलाया जाता। उनका और उनके समर्थकों का तिरस्कार होता है।
बहुगुणा तटस्थ, बोले भट्ट जो करेंगे ठीक करेंगे
विधायक उमेश शर्मा काऊ को कारण बताओ नोटिस दिए जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा तटस्थ हैं। उन्हें कांग्रेस से टूटकर आए 11 विधायकों का संरक्षक माना जाता है। हालांकि बहुगुणा कहते हैं कि वे भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के संरक्षक हैं। उमेश काऊ के मामले में उन्होंने कहा कि अजय भट्ट अच्छे अध्यक्ष हैं। काऊ का जो जवाब उन्हें प्राप्त होगा, उसे वे सकारात्मक ढंग से लेंगे।