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क्या हुआ, जो भरे सदन में नेता प्रतिपक्ष पर भड़क गए उन्हीं के विधायक

Wed, 14 Jun 2017 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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विधानसभा के भीतर विपक्ष चाहकर भी एकजुट नहीं दिखाई दे रहा है। किसी न किसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश अपने ही सदस्यों के प्रत्यक्ष और परोक्ष निशाने पर आ रही हैं। मंगलवार को धारचूला के विधायक हरीश धामी ने इंदिरा हृदयेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर उन्हें इंदिरा का अपेक्षित समर्थन इसलिए प्राप्त नहीं हो रहा है, क्योंकि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के चयन में उनका साथ नहीं दिया। 

धामी की नाराजगी कार्यस्थगन के दौरान तब सामने आई जब स्पीकर प्रेमचंद्र अग्रवाल ने उनकी सूचना पर चर्चा की इजाजत नहीं दी। स्पीकर ने उनकी सूचना को लेने से यह कहकर इनकार कर दिया कि वह पहले ही पांच सूचनाएं ले चुके हैं। मगर धामी पीठ से लगातार अनुरोध करते रहे कि उनकी सूचना लोक महत्व की है और फर्जी नागरिकता से जुड़ी है।
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इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने स्पीकर को सुझाव दिया कि धामी की सूचना को बुधवार को प्राथमिकता के आधार पर ले ली जाए। इस पर धामी क्षुब्ध हो गए और आवेश में आकर सदन से बाहर चले गए। उनके यकायक बाहर जाने से विपक्ष स्तब्ध रह गया। इस बीच सदन में पहुंचे करन माहरा भी सीट से उठे और धामी के पीछे-पीछे चले गए।
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क्या है प्रकरण?

बाहर आकर धामी ने मीडिया कर्मियों के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर सदन में सहयोग न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के चुनाव में इंदिरा हृदयेश का विरोध किया था, शायद इसलिए उन्हें उनका समर्थन नहीं मिल रहा है।

..और फिर ठंडे पड़ गए धामी
कुछ देर बाद जब मीडिया के लोग धामी की नाराजगी का हाल जानने पहुंचे तो उन्होंने विवाद से इंकार किया। उन्होंने मामले को तूल न दिए जाने की बात कही।

क्या है प्रकरण?
हरीश धामी के मुताबिक भूपेंद्र सिंह थापा नाम का एक व्यक्ति ग्वालगां में निवास कर रहा है। फर्जी नागरिकता दिखाकर वह पय्यापौड़ी जिला पंचायत का सदस्य बन गया है। जिलाधिकारी जांच में उसके फर्जी होने की पुष्टि हुई है। उसने दो-दो स्थानों से जन्मतिथि के प्रमाण पत्र बनाए हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि इससे ज्यादा लोक महत्व का और क्या मामला हो सकता था।

मैंने उनका समर्थन किया। विस अध्यक्ष सूचना नहीं ली तो मैंने उसे अगले दिन प्राथमिकता के आधार पर लेने की बात कही। सभी सदस्यों को मेरा पूरा सहयोग और समर्थन है। धामी ने मेरे बारे में जो कुछ भी कहा है, उसकी मुझे जानकारी नहीं है।
- डॉ. इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष।
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