विधानसभा के भीतर विपक्ष चाहकर भी एकजुट नहीं दिखाई दे रहा है। किसी न किसी मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश अपने ही सदस्यों के प्रत्यक्ष और परोक्ष निशाने पर आ रही हैं। मंगलवार को धारचूला के विधायक हरीश धामी ने इंदिरा हृदयेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर उन्हें इंदिरा का अपेक्षित समर्थन इसलिए प्राप्त नहीं हो रहा है, क्योंकि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के चयन में उनका साथ नहीं दिया।
धामी की नाराजगी कार्यस्थगन के दौरान तब सामने आई जब स्पीकर प्रेमचंद्र अग्रवाल ने उनकी सूचना पर चर्चा की इजाजत नहीं दी। स्पीकर ने उनकी सूचना को लेने से यह कहकर इनकार कर दिया कि वह पहले ही पांच सूचनाएं ले चुके हैं। मगर धामी पीठ से लगातार अनुरोध करते रहे कि उनकी सूचना लोक महत्व की है और फर्जी नागरिकता से जुड़ी है।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने स्पीकर को सुझाव दिया कि धामी की सूचना को बुधवार को प्राथमिकता के आधार पर ले ली जाए। इस पर धामी क्षुब्ध हो गए और आवेश में आकर सदन से बाहर चले गए। उनके यकायक बाहर जाने से विपक्ष स्तब्ध रह गया। इस बीच सदन में पहुंचे करन माहरा भी सीट से उठे और धामी के पीछे-पीछे चले गए।