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पंचेश्वर बांध की ओर एक और कदम, प्राधिकरण गठन को कैबिनेट की मंजूरी

Wed, 14 Jun 2017 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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Demo Pic - फोटो : demo
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भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना पंचेश्वर बांध का निर्माण शुरू करने की दिशा में उत्तराखंड ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। वेप्कॉस कंपनी द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के बाद भूमि अधिग्रहण और वन विभाग से एनओसी हासिल करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है। प्राधिकरण अपनी सिफारिशों से प्रदेश सरकार को अवगत कराएगी। 
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भारत और नेपाल के बीच बहने वाली महाकाली नदी पर उत्तराखंड के चंपावत जिले में पंचेश्वर बांध का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना को लेकर भारत और नेपाल के बीच 12 फरवरी 1996 को महाकाली जल विकास संधि के नाम से समझौता हुआ था।  इस परियोजना पर जल्द से जल्द काम शुरू कराने को लेकर अभी हाल ही में दिल्ली में भारत और नेपाल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई है।

उत्तराखंड की राज्य सरकार 2012 में इस परियोजना को मंजूरी दे चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस परियोजना की कई दौर की समीक्षा कर चुके हैं। उन्होंने बांध की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक माह करने का भी निर्देश दिया है। मंगलवार की रात हुई कैबिनेट की मीटिंग में राज्य सरकार द्वारा प्राधिकरण के गठन के फैसले से बांध का निर्माण कार्य शुरू कराने में और तेजी आएगी। 
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पंचेश्वर बांध परियोजना एक नजर में

-भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना

-भारत और नेपाल के बीच बहने वाली महाकाली नदी पर निर्माण है प्रस्तावित

-दोनों देशों के बीच बांध निर्माण के लिए फरवरी 1996 में हुआ था समझौता

- परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का है अनुमान

-परियोजना से लगभग 5040 मेगावाट बिजली उत्पादन का है लक्ष्य

-उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में मिलेगी सिंचाई की सुविधा

-उत्तराखंड को मिलेगी 6 हजार मिलियन यूनिट बिजली

-परियोजना का निर्माण होने की स्थिति में प्रदेश के छह हजार लोगों को मिलेगा रोजगार।

-परियोजना की जद में आएगा उत्तराखंड के चंपावत और पिथौरागढ़ का लगभग 25 वर्गमीटर का क्षेत्र
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