जनता के विकास के नाम पर वोट मांगने वाले नेता सांसद और विधायक निधि खर्च करने में फिसड्डी साबित हुए हैं।
नेताओं की कुंडली से नहीं छूटती है रकम
हर साल करोड़ों रुपए हर सांसद और हर विधायक को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए दिए जाते हैं, लेकिन यह रकम नेताओं की कुंडली से छूटती ही नहीं।
लापरवाह जनप्रतिनिधि यह राशि खर्च करने के मामले में सुस्त बने रहते हैं। ऐसे में या तो निधि लैप्स हो जाती है या अगले साल मिलती ही नहीं।
हाल ही में प्रदेश के विधायकों की निधि ढाई करोड़ से बढ़ाकर पौने तीन करोड़ कर दी गई। बीस फरवरी के जीओ के अनुसार बढ़ी हुई 25 लाख की यह रकम विधायक मंदिरों की मरम्मत, पुनर्निर्माण आदि पर खर्च कर सकेंगे।
दूसरी ओर, सांसदों को अब विकलांगों को तिपहिया साइकिल देने का भी अधिकार मिल गया है। इसके बावजूद न विधायक और न ही सांसद अपनी निधि खर्च करने के प्रति जागरूक नजर आते हैं।
प्रदेश के पांच सांसदों की स्थिति पर नजर डालें तो सांसद भगत सिंह कोश्यारी वर्ष 2012-13 में 39 फीसदी, सांसद हरीश रावत 55, राज्य लक्ष्मी शाह 61 और महेंद्र सिंह माहरा 51 फीसदी ही निधि खर्च कर सके हैं।
दूसरी ओर, विधायकों में कांग्रेस के नवप्रभात और राजकुमार एवं भाजपा के प्रेमचंद्र अग्रवाल फरवरी तक विधायक निधि का 50 फीसदी भी खर्च नहीं कर पाए।
तरुण विजय को नहीं मिली निधि
सांसद तरुण विजय को वर्ष 2013-14 में सांसद निधि का एक धेला भी नहीं मिला। इसकी वजह यह रही कि सांसद अपने अब तक के कार्यकाल में मिली धनराशि 241 लाख में से महज 41 लाख की रकम खर्च कर सके हैं।
वर्ष 2013-14 में उन्हें सांसद निधि का 55 लाख रुपये ब्याज मिला, लेकिन सांसद ने इस वर्ष एक भी योजना को प्रस्तावित नहीं की।
कहां खर्च होती है रकम
सांसद अपनी निधि से रोगी वाहन, सड़क, खेल मैदान आदि के लिए धनराशि देते रहे हैं। केंद्र के एक शासनादेश के बाद अब वे मोटरयुक्त तिपहिया साइकिलों के साथ ही मानव चालित तिपहिया साइकिलें भी दे सकेंगे।
दूसरी ओर, विधायक सीसी मार्ग, खड़ंजा निर्माण, खच्चर मार्ग, स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, फर्नीचर, अस्पताल के लिए वाहन, सामुदायिक भवन, सिंचाई गूल, खेल मैदान और मंदिरों के लिए निधि दे सकेंगे।
सांसदों की स्थिति
- भगत सिंह कोश्यारी को वर्ष 2008 से वर्ष 2012-13 तक प्राप्त धनराशि एक करोड़, खर्च 60 लाख 54 हजार
- सांसद हरीश रावत को वर्ष 2009-10 से 2013-14 तक 329 लाख रुपए मिले, जिसमें से 232.78 लाख खर्च हुए
- सांसद राज्य लक्ष्मी शाह को वर्ष 2011-12 से वर्ष 2012-13 तक कुल 166.30 लाख रुपए मिले, इसमें से 140 लाख खर्च हुए
- राज्यसभा सांसद महेंद्र माहरा को वर्ष 2012-13 से वर्ष 2013-14 तक 207 लाख मिले, इसमें से 110.99 लाख खर्च हुए