मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत सोमवार को गांधी शताब्दी अस्पताल में क्षेत्रीय विधायक खजान दास ने की। अभियान के तहत जिले में पहले दिन 211 गर्भवती महिलाओं और शून्य से पांच वर्ष तक के 742 बच्चों को टीके लगाए गए। इसमें 33 बच्चों को छूटे हुए टीके लगे। टीकाकरण के लिए जिले में कुल 112 केंद्र बनाए गए हैं।
इस अभियान के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। जो बच्चे और गर्भवती महिलाएं नियमित टीकाकरण करवाने में पीछे रह गई हैं उनका टीकाकरण किया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि अभियान का पहला चरण सात से 12 अगस्त दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर और तीसरा चरण नौ से 14 अक्टूबर तक जिले में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत टीकाकरण के लिए प्रदेश में कुल 495 केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन इसमें से 447 केंद्रों पर 287 गर्भवती महिलाओं और 1100 से अधिक बच्चों को टीके लगाए गए।
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बच्चों की उम्र अधिक हो गई
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वंदना सेमवाल ने बताया, इनमें से कुछ बच्चे ऐसे हैं जिनकी उम्र अधिक हो गई है और उन्हें पहले वाले टीके नहीं लग पाए हैं। इनमें नौ महीने के बच्चों को साढे तीन महीने वाला टीका लगाया जा रहा है। हालांकि कुछ टीके ऐसे होते हैं जो एक साल के भीतर ही लगते हैं। इस दौरान सीएमओ डॉ. संजय जैन, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह मार्तोलिया मौजूद रहे।
ये टीके लगाए जा रहे
बीसीजी, हेपेटाइटिस-बी, पेंटावैलेंट, न्यूमोकोकल, पोलियो, रोटा वायरस, मीजल्स, रूबेला, जेई, विटामिन- ए आदि टीके बच्चों को लगाए जा रहे हैं।