एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस विभाग में बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ताजा मामले में टिहरी में तैनात दो सिपाहियों को सस्पेंड किया जा चुका है।
सस्पेंडेड पुलिस कर्मियों पर सोशल मीडिया में विभाग के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगा है। बता दें कि मिशन आक्रोश के बाद उत्तराखंड पुलिस में एक बार फिर से बड़े आन्दोलन की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक गुमनाम मत्र में पुलिस महकमे की कई खामियों के बारे में बताया गया है। अब पुलिस विभाग इस पत्र की सत्यता की जांच में जुट गया है। वहीं प्रदेश डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी का कहना है कि वर्तमान में पुलिस महकमे में बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। अगर कोई जायज मांग होती है तो उसके बारे में विचार किया जायेगा।
सीएम को लिखा था यह पत्र
मीडिया हाउसेस के पास भी यह गुमनाम पत्र पहुंचा। जिसमें वेतन विसंगति, भत्ते, अवकाश, वीवीआईपी ड्यूटी, पुलिस कर्मियों के बच्चों को सेना भर्ती में आरक्षण स्वास्थ्य सुविधा जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया था। पत्र में कहा गया कि इन मसलों का हल न निकलने पर कर्मचारी आंदोलन के लिए विवश होंगे। जिसके बाद आगामी 6 जनवरी को पूरे प्रदेश में पुलिस कर्मियों द्वारा ऑपरेशन महाव्रत रखा जाएगा।