शाम को प्रदीप ने परिजनों को फोन पर कुछ परेशानियां बताईं। इसके अलावा वाहन स्वामी कुलदीप अग्रवाल को भी फोन करके परेशानी का जिक्र किया। कुलदीप ने उसे मिलने को कहा। इसके बाद देर रात तक प्रदीप के फोन पर घंटी जाती रही, लेकिन उसने उठाया नहीं।
देर रात परिजनों और वाहन स्वामी ने कोतवाली पहुंचकर प्रदीप के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने देर रात तक प्रदीप की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। प्रदीप के शरीर का अधिकांश हिस्सा जल गया था।
कपड़े आदि से परिजनों ने प्रदीप की पहचान की। प्रदीप की जेब से मिली एक छोटी डायरी में सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस की फील्ड यूनिट ने भी जांच की।
इसके अलावा मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी, एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल, सीओ राकेश देवली भी पहुंचे और घटना के बाबत जायजा लिया। पूर्व ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह ने बताया कि देर शाम सुसवा नदी पर प्रदीप का अंतिम संस्कार करा दिया गया।
एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से मौत होने की बात सामने आई है। पुलिस प्राप्त सुसाइड नोट का हस्तलेख मिलान भी कराएगी, ताकि किसी तरह की आशंका न रहे। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। फिर भी पुलिस तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है।