पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक (जेडी) डा. विनोद उप्रेती का शव टनकपुर-पीलीभीत मार्ग पर बरी अंजनियां के निकट पुलिया के नीचे पानी में पड़ा मिला।
डा. उप्रेती 4 मार्च को टनकपुर स्थित अपने घर से लापता हो गए थे। उनकी लोकेशन खटीमा क्षेत्र में मिलने के बाद पुलिस और परिजन उनकी तलाश में जुटे थे।
मूलरूप से फल्याटी गांव भंसाली नाला सोमेश्वर निवासी डा. विनोद उप्रेती (55) पुत्र राम दत्त उप्रेती कोटद्वार में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात थे और वर्तमान में शारदा कालोनी टनकपुर में सपरिवार रह रहे थे। चार मार्च को घर से लापता होने के बाद से उनकी खोजबीन की जा रही थी।
जब उनका कहीं सुराग नहीं लगा तो केंद्रीय विद्यालय बनबसा में शिक्षिका उनकी पत्नी भारती उप्रेती ने गुमशुदगी दर्ज कराई। सर्विलांस पर उनके मोबाइल की लोकेशन झनकट में मिली थी, जिसके बाद से ही उनके बेटे अभिनव उप्रेती, भाई सुरेश उप्रेती और भुवन उप्रेती और पुलिस उनकी तलाश खटीमा क्षेत्र में कर रही थी।
मृतक के भाई सुरेश उप्रेती ने बताया कि तलाश के दौरान टेढ़ाघाट में उनके पांच और छह मार्च को देखे जाने का पता चला। डा. उप्रेती की फोटो दिखाने पर एक महिला ने टेढ़ाघाट और बरी अंजनियां के बीच एक पुलिया पर उनके बैठे होने की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे तो डा. उप्रेती का शव पुलिया के नीचे पानी में मुंह के बल पड़ा दिखाई दिया।
परिजनों ने इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसआई संजीव कुमार ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। अलबत्ता मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
परिजनों ने बताया कि वह तीन मार्च को ही कोटद्वार से होली पर छुट्टी आए थे। यह भी बताया कि वह अधिक समय घूमने-फिरने में बिताते थे। डा. उप्रेती का एक बेटा और एक बेटी है। बेटा अभिनव उप्रेती बंगलूरू में इंजीनियर है और पुत्री अपर्णा एमटेक करने के बाद दिल्ली में इंजीनियरिंग कर रही हैं।