इनमें से यूएसए के मैथ्यू जेम्स पावेल स्वास्थ्य खराब होने के कारण बेस कैंप वापस लौट आए थे। बेस कैंप पहुंचने के बाद 12 सदस्य दो टीमों में बंट गए। चार सदस्य फिलिप मार्क थॉमस, लेन बेड, जेचरी जोसेफ क्वीन और महिला पर्वतारोही कैथरीन जेन आर्मस्ट्रांग ने नंदा देवी ईस्ट के लिए चढ़ाई शुरू की।
जबकि आठ सदस्यीय दल में शामिल ब्रिटेन निवासी लीडर मार्टिन मोरिन, ब्रिटेन के ही पर्वतारोही जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय ने अनाम चोटी पर चढ़ने का फैसला लिया। दोनों दलों को 25 या 26 मई को बेस कैंप वापस लौटना था।
रेस्क्यू कर पिथौरागढ़ लाए गए चार पर्वतारोहियों के हवाले से पिथौरागढ़ के डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे और पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरु ने बताया कि यह चार सदस्य नंदा देवी ईस्ट में नहीं चढ़ सके और 25 मई को बेस कैंप पहुंच गए।
आठ सदस्यीय दल निर्धारित समय तक बेस कैंप नहीं लौटा। इसके बाद इस दल के सदस्यों ने अगले चार दिनों तक स्वयं लापता आठ सदस्यों की खोज शुरू की। उनका कोई पता नहीं चला तो इसकी सूचना आईएमएफ को दी। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में पर्वतारोही लापता हुए हैं वहां पर एयरफोर्स के हेलीकाप्टर से सर्च अभियान के दौरान कई स्थानों पर भारी हिमस्खलन होने के संकेत मिले हैं। इससे लापता सभी सदस्यों के बर्फ दबने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने अभी उम्मीद नहीं खोई है और खोजबीन जारी है।