दून-पांवटा हाईवे पर बाईपास (मटक माजरी) तिराहे के पास शक्तिनहर में गिरी कार को पुलिस ने एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से बरामद कर लिया। वहीं, चालक अब भी लापता है, जिसकी तलाश में एसडीआरएफ और पुलिस की टीम अभियान चलाए हुए है।
जांच में पता चला है कि कार बांगरन बाईपास पांवटा साहिब निवासी गुरपाल सिंह की है। बीते मंगलवार की दोपहर 12 बजे के बाद से गुरपाल का परिजनों से संपर्क नहीं हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है गुरपाल अकेले ही कार से पांवटा साहिब की ओर जा रहे थे। एसएसआई गिरीश नेगी ने बताया कि बुधवार सुबह छह बजे से नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। पानी के तेज बहाव के कारण पुलिस को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे नहर में पानी कम कराया गया। इसके बाद घटना स्थल से करीब 50 मीटर दूर से कार बरामद की गई।
मौके पर मौजूद पांवटा साहिब निवासी अंकित गोयल पुत्र राजकिशन गोयल ने कार की पहचान की। उन्होंने बताया कि कार उसकी परिचित प्रियंका नारंग के पिता की है, पुलिस ने जब प्रियंका से संपर्क साधा तो पता चला कि उसके पिता गुरपाल सिंह बीते मंगलवार को किसी काम से गाड़ी लेकर अकेले ही निकले थे। दोपहर बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ है।
एसएसआई नेगी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जल्द ही लापता व्यक्ति को ढूंढ लिया जाएगा। मालूम हो कि बीते मंगलवार की दोपहर करीब 1:30 बजे एक कार बाईपास तिराहे के पास शक्तिनहर में जा गिरी थी। कार में कितने लोग सवार थे इसकी जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद से ही पुलिस ने नहर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया हुआ था।
नहर किनारे नहीं सुरक्षा के इंतजाम
डाकपत्थर से लेकर कुल्हाल तक शक्तिनहर करीब 25 किमी लंबी है, लेकिन डाकपत्थर को छोड़ नहर पर कहीं पर भी सुरक्षात्मक कार्य नहीं है। लंबे समय से लोग नहर में आबादी क्षेत्र के पास जाली लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार मांग को अनसुना कर दिया जाता है। नहर के रखरखाव का जिम्मा वर्तमान में यूजेवीएनएल के पास है। स्थानीय निवासी अयूब, शकील, रमेश चौहान आदि का कहना है कि हर बार नहर में कोई बड़ा हादसा होने के बाद नहर किनारे सुरक्षा कार्य कराने की मांग उठती है, लेकिन कुछ दिन बाद मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।