इस बार मिस उत्तराखंड कांटेस्ट पर संकट खड़ा हो सकता है। सात वर्षों से मिस उत्तराखंड के स्पांसर ब्लेंडर्स प्राइड ने शराब न बिकने की वजह से प्रतियोगिता से हाथ खींच लिए हैं।
ऐसे में सब-टाइटल्स राउंड के बीच आयोजक नए स्पांसर्स ढूंढ रहे हैं। हालांकि, गोल्फर्स शॉट (व्हिस्की) से आयोजकों को कुछ उम्मीदें बंधी हैं।
सिन्मिट कम्युनिकेशंस की ओर से 10 वर्षों से मिस उत्तराखंड कांटेस्ट कराया जा रहा है। यह राज्य का एकमात्र मिस उत्तराखंड टाइटल देने वाला कांटेस्ट है।
इस कांटेस्ट से राज्य की युवतियों को काफी उम्मीदें रहती हैं। मिस उत्तराखंड बनी कुछ युवतियां मुंबई में सीरियल्स में काम कर रही हैं तो कुछ साउथ की फिल्मों या विज्ञापनों में।
पहली बार आयोजकों के सामने पैसे का संकट
इस साल पहली बार मिस उत्तराखंड कांटेस्ट के आयोजकों के सामने पैसे का संकट खड़ा हो गया है। पिछले सात सालों से इस कांटेस्ट में स्पांसर कर रहे ब्लेंडर्स प्राइड ने प्रतियोगिता से हाथ पीछे खींच लिए हैं।
इसके पीछे वजह आबकारी नीति में बदलाव होने के कारण ब्रांडेड शराब नहीं बिकने को बताया जा रहा है। ऐसे में अब मिस उत्तराखंड से पहले होने वाले सब-टाइटल्स राउंड के बीच आयोजकों को पैसे की चिंता सताने लगी है, हालांकि वे नए स्पांसर की तलाश के लिए प्रयास कर रहे हैं।
ब्लेंडर्स प्राइड का माल नहीं बिकने से यह दिक्कत हुई है। फिलहाल गोल्फर्स शॉट से उम्मीदें बंधी हैं, उन्होंने स्पांसर करने के लिए हामी भरी है। यदि ऐसा हो जाता है तो मिस उत्तराखंड कांटेस्ट हमेशा की तरह चकाचौंध भरा ही होगा।
- दलीप सिंधि, डायरेक्टर, सिन्मिट कम्युनिकेशंस