इसी तरह रुद्रप्रयाग के वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय का जिक्र था जिसके संचालक नसरुद्दीन नाम का व्यक्ति बताया गया। इस में पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले की रहने वाली छात्राओं के दस्तावेज जमा पाए गा। इसी तरह नैनीताल के नवीन शिशु जूनियर हाईस्कूल और प्रतिभा विकास जूनियर हाईस्कूल का नाम भी सामने आया। रुड़की के संस्कृति पब्लिक स्कूल के 85 छात्रों के नाम भी संदेह में आए।
इसके लिए मुख्यमंत्री ने जुलाई महीने में एसआईटी गठन के आदेश दिए। आईजी कानून व्यवस्था डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि सभी पांच जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले की तीन दिनों के भीतर प्राथमिक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दें। ताकि कार्ययोजना बनाकर आगे की कार्रवाई की जा सके।