16वीं लोकसभा के गठन की प्रक्रिया कुछ खास होगी। पूरे देश में या तो नए नेताओं की पौध रोपने की तैयारी है या चुनावी मैदान में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी होनी है।
पढ़ें, इस शर्मनाक करतूत से रुड़की में फिर हो सकता था बवाल
उत्तराखंड में भी इस बार बड़े नेताओं के बेटे-बेटी भी सक्रिय होंगे। हो सकता है कोई पापा बेटे को चुनाव लड़ाए तो कोई बेटा-बेटी मम्मी के लिए वोट मांगें।
कुछ नेता जवान होते बेटों को इस राजनीतिक महाकुंभ में उत्तराधिकारी भी घोषित कर सकते हैं।
उपचुनाव में साकेत बहुगुणा को किया था लांच
टिहरी लोकसभा सीट से कभी सांसद रहे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने उपचुनाव में कॉरपोरेट कल्चर से आए बेटे साकेत बहुगुणा को लांच किया था।
पढ़ें, मासूम की अस्मत लूटने वाला कांग्रेसी नेता गिरफ्तार
साकेत चुनाव जरूर हारे लेकिन सक्रिय राजनेता के तौर पर उत्तराखंड को नया नेता मिला है। कांग्रेस इस सीट पर विजय बहुगुणा को लड़ाना चाहती है और पिता फिर से बेटे को लड़ाना चाहते हैं। फैसला कुछ भी हो साकेत हर हाल में सक्रिय होंगे।
रावत की विरासत बेटे और बेटी के कंधों पर
मुख्यमंत्री हरीश रावत की राजनीतिक विरासत बेटे आनंद रावत और बेटी अनुपमा के कंधों पर है। आनंद युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
बेटी अनुपमा पिता के उन तमाम कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाती हैं जिनका सामाजिक सरोकार हो। हरीश रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद अनुपमा की सक्रियता और बढ़ी है।
पढ़ें, लोकसभा चुनावः नैनीताल में कांग्रेस का सूपड़ा 'साफ'
तमाम उद्घाटन व शिलान्यास जैसे कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी दिख रही है। कांग्रेस ने इस सीट को हरीश रावत पर छोड़ा है। रावत ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पत्नी रेणुका रावत भी उम्मीदवार हो सकती हैं।
ऐसे में राजनीति की सीढ़ियां चढ़ रहे बेटा-बेटी मां की चुनावी कमान संभालेंगे।
श्रद्धेय के लिए लांचिंग पैड की तलाश में सतपाल
पौड़ी से सांसद सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत प्रदेश में मंत्री हैं। यूं तो पौड़ी सीट पर कांग्रेस से महाराज ने अपनी दावेदारी पेश की है।
जबकि महाराज के नजदीकी बताते हैं महाराज बेटे श्रद्धेय के लिए लांचिंग पैड की तलाश में हैं। वैसे श्रद्धेय पौड़ी लोकसभा क्षेत्र में पिछले दो सालों से सक्रिय हैं और माता-पिता के प्रतिनिधि के तौर पर काम कर रहे हैं।
पढ़ें, इस सीट से अपने सपूत को चुनाव लड़ाएंगे एनडी तिवारी!
प्रदेश की मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश के बेटे सुमित हृदयेश और प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के बेटे संजीव आर्य ने राजनीतिक विरासत पहले ही संभाल रखी है। सुमित हल्द्वानी मंडी परिषद के चेयरमैन हैं और संजीव राज्य सहकारी बैंक चेयरमैन हैं।