कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री अमृता रावत ने पद बर्खास्त होने के बाद हरीश रावत पर निशाना साध कर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
केंद्र में मोदी सरकार बनने की हलचल से उत्तराखंड की सियासत में भी तूफान खड़ा हो गया है।
अमृता ने हरीश रावत को खुद भी इस्तीफा देने को कहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव नतीजे आने के बाद असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया था।
अमृता ने कहा कि हरीश रावत का यह कदम विनाश काले विपरीत बुद्घि जैसा है। उत्तराखंड में कांग्रेस की बहुत बुरी हार हुई है और यह चुनाव हरीश रावत के नेतृत्व में लड़े गए थे। इसलिए हार की नैतिक जिम्मेदारी उनकी ही बनती है।