स्थाई रूप से बंद करने के लिए मांगा प्रस्ताव
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलूवाला को स्थायी रूप से बंद करने के लिए उप शिक्षा अधिकारी से प्रस्ताव मांगा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) की ओर से स्कूल को बंद करने के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्कूल को बंद करने के लिए उच्चाधिकारियों की अनुमति प्राप्त की जा सके।
पांच सौ मीटर पर दो स्कूल पर भी सवाल
राजकीय प्राथमिक विद्यालय घोलूवाला गांव में न होकर सहदेवपुर में बनाया गया है, जबकि सहदेवपुर में भी सरकारी स्कूल है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर पांच सौ मीटर के दायरे में दो स्कूल कैसे बनाए गए और घोलूवाला में स्कूल क्यों नहीं स्थापित किया गया। ये सवाल तत्कालीन शिक्षा अधिकारियों को सवालों के घेरे में खड़े रहे हैं, जिन्होंने सरकारी धन खर्च करने के बाद भी घोलूवाला में स्कूल न खोलकर सहदेवपुर में बनाया।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: लोक भवन ने जो दो विधेयक लौटाए, दोबारा विधानसभा में आएंगे, UCC का परीक्षण करेगा विभाग
स्कूल में एक भी छात्र नहीं होने पर फिलहाल स्कूल में तैनात दोनों सहायक अध्यापकों को दूसरे विद्यालय में अटैच कर दिया गया है, जब तक अन्य विद्यालयों में पद रिक्त नहीं हो जाते हैं, तब तक दोनों सहायक अध्यापक अटैच रहेंगे। -आशुतोष भंडारी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), हरिद्वार