नवीन कुमार का कहना है कि ओली सरकार भारत विरोधी बयानबाजी करके भारत में रह रहे प्रवासी मेहनतकश कामगारों के हितों का हनन कर रही है। केंद्रीय संयोजक ने कहा कि भारतीय क्षेत्र और यहां के शहरों को नेपाल का हिस्सा बताकर जिस तरह से नेपाल के सोशल मीडिया में दुष्प्रचार किया जा रहा है, वह गलत है।
उन्होंने कहा कि इस दुष्प्रचार के पीछे भी नेपाल सरकार के समर्थकों का हाथ है। कहा कि नेपाल सरकार को दुष्प्रचार रोककर भारत के साथ रोटी-बेटी के संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रयास करने चाहिए।
लिपुलेख, कालापानी को नेपाली मुद्रा में अंकित करना ठीक नहीं
नवीन कुमार ने कहा है कि लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाली मुद्रा में अंकित करना राष्ट्रहित में सही नहीं है। इससे अच्छा तो यह होता कि नेपाल के जो बाजार चीनी सामान से भरे पड़े हैं, उस पर प्रतिबंध लगाया जाता। उन्होंने कहा कि नेपाल को भारत से प्रेरणा लेकर स्वराज और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए।