सरकारी धनराशि की वसूली की जाएगी
जांच में 12289 बच्चों का नामांकन फर्जी मिला। जबकि इनमें से कई मदरसों को अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के साथ ही मिड डे मील दिया जा रहा था। अल्पसंख्यक कल्याण के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के मुताबिक अन्य जिलों के मदरसों की भी जांच की जा रही है। हरिद्वार के जिन मदरसों में बच्चों की वास्तविक संख्या और मिड डे मील में असमानता मिली है, उनसे सरकारी धनराशि की वसूली की जाएगी।
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557199 बच्चों को मिला योजना का लाभ
प्रदेश के सरकारी एवं अशासकीय स्कूलों के साथ ही मदरसों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत पका भोजन दिया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में प्राथमिक स्तर पर 315579 और उच्च प्राथमिक स्तर पर 241620 छात्र-छात्राओं को योजना से लाभान्वित किया गया।
इन जिलों में स्कूलों के साथ ही मदरसों की भी जांच होगी, जांच में दिए जाने वाले मिड डे मील और वास्तविक छात्र संख्या को देखा जाएगा। -डॉ. मुकुल सती, शिक्षा निदेशक