केदारनाथ में निम की ओर से बनाए गए हेलीपैड को एमआई-26 के पायलट विंग कमांडर तुंग ने हरी झंडी दे दी है। दो या तीन जनवरी को धाम में बने इस हेलीपैड पर एमआई-26 की ट्रायल लैडिंग हो सकती है।
सोमवार को गौचर हवाई पट्टी से हेलीकाप्टर से टीम के साथ वायु मेडल विंग कमांडर तुंग केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने हेलीपैड का जायजा लिया। उन्होंने 11500 फीट की ऊंचाई पर बने इस हेलीपैड के काम पर खुशी जताते हुए इसे लैडिंग के लिए बेहतर बताया।
दो या तीन जनवरी को होगी लैंडिंग
एमआई-26 की ट्रायल लैंडिंग को लेकर अब वायु सेना के दो कर्मचारी संभवत: एक जनवरी से केदारनाथ में ही रहेंगे। वह मौसम की स्थिति से अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते रहेंगे जबकि गौचर हवाई पट्टी से निम स्थिति पर नजर रखेगा।
2 जनवरी को एमआई-26 हेलीकाप्टर गौचर हवाई पट्टी पहुंचेगा। मौसम ठीक रहा तो इसी दिन केदारनाथ में ट्रायल लैडिंग होगी। अन्यथा 3 जनवरी को एमआई-26 केदारनाथ पहुंचेगा।
13 सदस्यीय दल रहेगा मौजूद
केदारनाथ में एमआई-26 की ट्रायल लैडिंग के दौरान मुख्य पायलट विंग कमांडर तुंग व चार अन्य अधिकारियों सहित 13 लोगों का स्टाफ होगा। 1 जनवरी को आईओसी (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) का टैंकर गौचर हवाई पट्टी पर पहुंचेगा।
भवन ध्वस्तीकरण के लिए होंगी छह टीमें
निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि एमआई-26 का हेलीपैड बनने के बाद अब आपदा से प्रभावित भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए छह टीमें गठित की गई हैं।
यहां प्रभावित 46 सरकारी भवनों का ध्वस्तीकरण होना है। बताया कि एमआई-26 से केदारनाथ में 200 टन की मशीनें भेजी जानी हैं, जिसमें 2 जेसीबी, 5 डंपर और 3 पोकलैंड मशीनें शामिल हैं। बताया कि गुप्तकाशी से हेलीकॉप्टर से लगातार डीजल व राशन धाम में भेजा जा रहा है।
धाम में एक डिग्री पारा
सोमवार को केदारनाथ में दिनभर बादल छाए रहे। प्रात: 10 बजे तक यहां तापमान माइनस 3.5 डिग्री तक रहा। दोपहर को कुछ देर धूप खिलने पर पारा .08 डिग्री से बढ़कर 1 डिग्री तक पहुंच पाया लेकिन पुन: ठंड बढ़ गई।