मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने कवायद तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को इस संबंध में प्राधिकरण में प्रोजेक्ट के ग्राउंड सर्वे का प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रेजेंटेशन में मेट्रो के बजाए दून-हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए एलआरटी (लाइट रेल ट्रांजिट) को मुफीद बताया गया। एलआरटी की लागत भी मेट्रो से बहुत कम आ रही है।
एलआरटी ट्रैक को दून से हरिद्वार तक बन रहे फोर लेन हाईवे के बीच वाले खाली एरिया में बनाने की योजना है। यह भी तय किया गया कि पहले फेज में महज साठ किलोमीटर का ट्रैक बनाया जाएगा।
एमडीडीए अधिकारियों के मुताबिक दून, हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने के लिए मेट्रो या मोनो रेल के बजाए एलआरटी (लाइट रेल ट्रांजिट) तकनीक लाई जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इसकी कीमत मोनो रेल से पांच गुना तक कम है।
शुक्रवार को एमडीडीए में उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम और सचिव पीसी दुम्का की मौजूदगी में प्रोजेक्ट के ग्राउंड सर्वे का प्रेजेंटेशन दिया।