कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भितरघातियों की वजह से 18 मार्च 2016 को राज्य सरकार गिरी और यदि अगले दिन चुनाव हो जाते तो कांग्रेस बहुमत से आती, लेकिन कुछ ऐसी गलतियां संगठन में र्हुइं, जिनसे कांग्रेस मात्र 11 सीटों पर सिमट गई थी। अब नगर निकाय चुनाव में ऐसी गलती न दोहराई जाए। उन्होंने समस्त कांग्रेसियों को एकजुट होकर नगर निकाय चुनाव में जुटने को आह्वान किया। उन्होंने भाजपा के मीटू के खुलासे पर देवभूमि को कलंकित करने की बात कही। कहा कि अभी कई के काले चिट्ठे भी खुलेंगे।
शनिवार को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि नगर निकाय चुनाव को गंभीरता से लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के नाम पर हरिद्वार के लोगों की संपत्तियों को जो नुकसान पहुंचाया, उन लोगों से उनकी सहानुभूति है, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक उस आदेश का खुलासा नहीं किया, जिससे लोगों को उजाड़ दिया। हरिद्वार में निकाय चुनाव के प्रचार में शामिल न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें चिट्ठी लिखी है। उसी के अनुसार, वह चुनाव प्रचार में जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव प्रचार के लिए न बुलाने पर उन्होंने चुनाव संयोजकों को सलाह देते हुए कहा कि नगर निकाय चुनाव में किसी प्रकार का मनमुटाव दिमाग से निकालकर काम करें। पूर्व शहर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, प्रदेश सचिव विभाष मिश्रा, सुमित तिवारी, नितिन कौशिक, तेलूराम प्रधान, मनोज धनगर, आनंद उपाध्याय, अनुज सैनी, मुलायम पाल, पदम सिंह, विकास कुमार आदि शामिल हुए।
भाजपा में संगठन मंत्री सीएम से ऊपर
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मीटू प्रकरण पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि भाजपा में संगठन मंत्री का पद मुख्यमंत्री से बड़ा होता है। जो भाजपा के नेता दूसरों पर आरोप लगाकर कार्रवाई को आंदोलन चलाते थे अब उन सभी ने अपने बीच के नेता का नाम आने पर चुप्पी साध ली है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में महिला के साथ छेड़छाड़ के प्रकरण से आने से कलंकित हुई है। ऐसे पदाधिकारी पर भाजपा को संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।