व्यापारियों की समस्याओं को लेकर नगर निगम में मेयर सुनील उनियाल से वार्ता करते व्यापार मंडल का प्?
नगर निगम की ओर से हर व्यवसाय के लिए लाइसेंस अनिवार्य करने के निर्णय को लेकर सोमवार को व्यापारी बिफर पड़े। उन्होंने निगम पहुंच कर मेयर और नगर आयुक्त से मिलकर नाराजगी जताई। व्यापारी बोले कि निगम की लाइसेंस फीस उन्हें स्वीकार नहीं है। जिस पर मेयर और नगर आयुक्त ने उन्हें लिखित में अपनी आपत्ति दर्ज कराने को कहा।
व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय से मिला। व्यापार मंडल अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि मंदी की मार से पहले से ही व्यापारी त्रस्त हैं। मॉल और शॉपिंग स्टोरों के चलते व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों की वजह से भी काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में निगम की ओर से लाइसेंस फीस लागू करने से व्यापारियों के सामने काफी संकट आ जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कार्यों के चलते भी व्यापार प्रभावित होगा।
इस पर मेयर सुनील उनियाल गामा और नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि लाइसेंस शुल्क को लेकर लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। व्यापारी भी अपनी आपत्ति लिखित में दे दें, ताकि उस पर विचार किया जा सके। इस दौरान व्यापारी नेता सुनील मैसोन, पीयूष मौर्या, डीडी अरोड़ा, गौरव रस्तोगी, सुरेंद्र प्रभाकर, बृजलाल बंसल, मीत अग्रवाल, श्रीकृष्ण गुप्ता आदि मौजूद रहे।
कॉमर्शियल टैक्स कम होगा
व्यापार मंडल अध्यक्ष विपिन नागलिया ने मेयर से कॉमर्शियल हाउस टैक्स की दरें अधिक होने की बात कही। जिस पर मेयर गामा ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में कॉमर्शियल हाउस टैक्स की दरों में कमी की जाएगी। वहीं, बेसमेंट से पार्किंग चार्ज को भी फ्री करने पर विचार करने का आश्वासन दिया।