डिगर सिंह को पकड़ने के लिए पड़ोसी इंद्रजीत ने हिम्मत दिखाई। इंद्रजीत ने किसी तरह उसे काबू में किया लेकिन डिगर सिंह ने कुल्हाड़ी से वार कर दिया। गनीमत रही कि बीच में तार आ गया। इससे कुल्हाड़ी छिटक गई।
इसके बाद डिगर सिंह ने इंद्रजीत के हाथ में कई जगह दांत गाड़ दिए। गिरने के कारण इंद्रजीत सिंह का हाथ फैक्चर हो गया। बलजीत सिंह और सिपाही जग्गा सिंह को भी मामूली चोटें आई हैं।
पुलिस भूल गई हत्या में प्रयुक्त हथियार ले जाना
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दरांती को सील कर दिया है। जाते समय पुलिस कर्मी दरांती को ले जाना भूल गए। जब पुलिस घर से 50 मीटर दूर चली गई, तब लोगों ने आवाज लगाकर पुलिस से दरांती ले जाने को कहा। तब पुलिस कर्मी दरांती लेने दौड़े।
हल्द्वानी से चल रहा है इलाज
डिगर सिंह के पिता सोबन सिंह ने बताया कि बेटा मानसिक रूप से बीमार है। चार साल से सुशीला तिवारी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसने पांच दिन पहले ही दवा खानी छोड़ी थी। डिगर सिंह के चार भाई बहन हैं। दो बहनों और एक भाई की शादी हो चुकी है। छोटा बेटा तारा काशीपुर में नौकरी करता है।
मां का लाडला था
पिता सोबन सिंह कोरंगा ने बताया कि वारदात के समय मां-बेटा ही घर पर थे। उनका परिवार जानवर पालकर और मजदूरी कर जीवन यापन करता है। डिगर अपनी मां का बहुत लाडला था। मां उसकी देखरेख करती थी। ग्रामीणों के अनुसार वह हमेशा बड़बड़ाते रहता था और अचानक दौड़ने लगता था। मां पड़ोसियों के सहारे ही डिगर को काबू करती थी।