देहरादून। बीमार छात्र की कोचिंग सेंटर ने न तो फीस लौटाई और न ही उसे अगले साल में समायोजित किया। इस मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने ब्याज सहित फीस लौटाने के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद खर्च अदा करने के आदेश दिए हैं। यह फैसला भूपेंद्र कुमार दुग्तल की अध्यक्षता वाले फोरम ने सुनाया है।
सत्यपाल सिंह निवासी सेंवला कला ने अपने पुत्र अनिकेत को एक कोचिंग सेंटर में दाखिला दिलाया था। इसके लिए उन्हें 86662 रुपये का पैकेज दिया गया। इसमें से उन्होंने 50600 रुपये कोचिंग सेंटर को दे दिए। एक महीने ही कोचिंग के बाद अनिकेत की तबीयत खराब हो गई। चिकित्सकों ने अनिकेत को बेड रेस्ट की सलाह दी तो वह कोचिंग सेंटर नहीं गया। इस पर सत्यपाल सिंह ने कोचिंग सेंटर में बात की तो फीस अगले सत्र में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया। अगले साल फीस के समायोजन के लिए सत्यपाल कोचिंग सेंटर पहुंचे तो मना कर दिया गया और 70 हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने को कहा गया। इसके बाद सत्यपाल सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम को शिकायत कर दी। फोरम ने सुनवाई के बाद कोचिंग सेंटर को 43 हजार रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही एक हजार रुपये वाद खर्च व तीन हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति भी देने का फैसला सुनाया।