नवंबर, 2003...। यही महीना था, जब फारुख शेख सुहैल तातारी के निर्देशन में एक निजी टेलीविजन चैनल के लिए बन रहे सीरियल ‘कश्मीर’ की शूटिंग के लिए दून पहुंचे थे।
भा गया था दून
दून की वादियां उन्हें कुछ इस कदर भाईं कि हेलमेट लगा शहर की सड़कों पर दोपहिया की सवारी करने से भी नहीं चूके। इस उड़ान के दौरान जब उन्होंने यूकेलिप्टिस रोड पर एक स्कूटी सवार को एक साइकिल वाले से भिड़ते देखा तो बाइक रोक हेलमेट उतार साइकिल वाले की तरफ दौड़ पड़े।
वह उठा तो अपना दर्द भूल फारुख को देखने लगा-बोला, अरे फारुख अंकल! और फारुख इसलिए परेशान थे कि कहीं उसे चोट तो नहीं लगी। खैर उसे भला-चंगा जान वह फिर हेलमेट लगा बाइक पर सवार हो गए।
शार्प मेमोरियल ब्लाइंड स्कूल के पास स्थित एक होटल में मशहूर अभिनेता फारुख शेख साथी कलाकार और प्रसिद्ध कलाकार सुरेश ओबराय, लिलिट दुबे के साथ ठहरे थे।
चार दिन का शेड्यूल किया हफ्ते भर का
सिरमौर मार्ग के एक बंगले में ‘कश्मीर’ सीरियल का सेट लगाया गया था। शेड्यूल केवल चार दिन का था, लेकिन उन्होंने चार दिन और बढ़ाकर पूरे हफ्ते भर यहां कैंप किया।
सुबह वक्त पर सिरमौर मार्ग पहुंच जाते। जैसे ही ब्रेक होता, धूप में बैठे इस बंगले केलान से मसूरी की पहाड़ियों को निहारने लगते। बार-बार दोहराते-कमाल है इस शहर की खूबसूरती। इसे निहारते वक्त उसके गुजरने का अहसास ही नहीं होता...।