किसी को विश्वास में नहीं लिया गया: जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना ने कहा कि संगठन में सदस्यता लेने की एक प्रक्रिया है। मंडल अध्यक्ष की संस्तुति पर जिलाध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष की सहमति से किसी को पार्टी की सदस्यता दिलाता है। उनकी ज्वाइनिंग में किसी को विश्वास में नहीं लिया गया। मंडल अध्यक्ष की सूचना पर शीर्ष नेतृत्व से विचार विमर्श करने के बाद सदस्यता निरस्त की गई है। मंडल अध्यक्ष विवेक राय ने पूर्व सभासद धनीराम के बारे में लिखित सूचना दी थी कि वह लंबे अर्से से कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे हैं। नगर पालिका के उपचुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ भी पर्चा दाखिल किया था। नौ जुलाई को ही उनके लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे से बचने के लिए उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई जा रही थी।
जिलाध्यक्ष जिले के मालिक हैं: शुक्ला
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि धनीराम लगातार तीन पर नगर पालिका के सभासद रहे हैं। लूट के मुकदमे में दोनों पक्षों का समझौता हो चुका है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। भाजपा के जिलाध्यक्ष पार्टी के मालिक है। वह जो चाहे निर्णय ले सकते हैं।
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मैं भाजपाई, सदस्यता निरस्त होने जैसी बात नहीं: धनी राम
इस बारे में धनीराम ने बताया कि उन्होंने पूर्व विधायक के समक्ष भाजपा सदस्यता ग्रहण कर ली है। उनकी राजेश शुक्ला से वार्ता हुई है निरस्त होने की कोई बात नहीं है।