जिला योजना समिति की बैठक से मुख्य विकास अधिकारी के चले जाने पर सदस्यों ने आक्रोश जताया और बैठक का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब योजना की मुखिया ही बैठक में नहीं हैं तो वह यहां क्या करेंगे। उन्होंने बैठक की शुरुआत में दिए गए पैन और डायरी भी लौटा दिए।
मंगलवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय की ओर से जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचित, नामित सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुख शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने अपना संबोधन दिया और कुछ देर बाद वह बैठक से निकल गईं। इसके बाद मेयर का संबोधन हुआ। मेयर के संबोधन के बाद बैठक से मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान यह कहकर चली गईं कि उन्हें किसी आवश्यक बैठक में जाना है।
सीडीओ के बैठक से जाने के बाद सदस्य नाराज हो गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मेयर और बैठक में मौजूद अधिकारियों ने सदस्यों को काफी समझाया और बैठक में रुकने का आग्रह किया लेकिन सदस्य नहीं माने। वह बैठक का बहिष्कार कर चले गए। बहिष्कार की सूचना मिलते ही सीडीओ झरना कमठान दोबारा बैठक में पहुंची लेकिन तब तक सभी सदस्य वहां से जा चुके थे। बताया जा रहा है कि बाद में फोन कर सदस्यों को बैठक में आने का आग्रह किया गया लेकिन सदस्य नहीं माने।
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सदस्य पर्याप्त बजट न मिलने का उठाना चाहते थे मुद्दा
दरअसल, निगम के जितने भी सदस्य हैं, वह इस बात से नाराज थे कि जिला योजना में नगर निगम को पर्याप्त बजट नहीं मिल पाया। जिसके कारण उनकी विकास की योजनाएं ठप हुई हैं। कार्यशाला में वह सीडीओ के सामने इस बात को उठाना चाहते थे लेकिन सीडीओ के बीच में चले जाने से वे ऐसा नहीं कर पाए।
यह जिला योजना की बैठक नहीं थी। बल्कि जिला योजना को किस प्रकार से तैयार किया जाए इसको लेकर सदस्यों को जानकारी दी जानी थी। जिसमें उन्हें, जिला पंचायत अध्यक्ष व मेयर को उद्घाटन सत्र के लिए आमंत्रित किया गया था। कुछ जरूरी बैठक होने के कारण उन्हें जाना पड़ा था। हालांकि, वह कह कर गईं थी कि कुछ देर में लौट आएंगी लेकिन जब तक वह दोबारा पहुंची तो सदस्य चले गए थे।
झरना कमठान, मुख्य विकास अधिकारी