वेतन विसंगति पर उत्तराखंड शासन में प्रस्तावित बैठक विभिन्न विभागों की सुस्ती के चलते अनिश्चित काल के लिए टल गई। कई विभागीय कार्यालयाध्यक्षों ने वेतन ब्योरा नहीं भेजा।
कर्मचारी संगठनों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। अफसरों की इस उदासीनता को कर्मचारी विरोधी करार दिया गया है।
सीएम का निर्देश भी अनसुना
प्रदेश सरकार के 40 विभागों के विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए शुक्रवार को बैठक होनी थी। सीएम हरीश रावत और मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कर्मचारियों के वेतन का पूरा ब्योरा संस्तुति समेत भेजें लेकिन अधिकतर विभागों ने शुक्रवार दोपहर तक ब्योरा नहीं भेजा। ऐसे में बैठक टाल दी गई।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कार्यालयाध्यक्षों ने सीएम और मुख्य सचिव के आदेश भी दरकिनार कर दिए हैं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह का कहना है कि संयुक्त परिषद स्थिति की मॉनीटरिंग करेगी कि विभागों ने रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाएगा।
इन विभागों ने नहीं दी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई, सहकारिता, कृषि, पशुधन, महिला बाल विकास, आरटीओ (प्रवर्तन दल), रेशम विभाग, मंडी परिषद, मंडी समिति, युवा कल्याण, लोक निर्माण विभाग, खेलकूद, पर्यटन विभाग, उद्योग, सैनिक कल्याण, तहसील, रजिस्ट्रार, बंदोबस्त, गन्ना विभाग आदि।