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पढ़िए, कैसे दून अस्पताल से गायब हो जाती है दवा?

Mon, 11 May 2015 11:46 AM IST
मनीष चंद्र भट्ट/अमर उजाला, देहरादून
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दवाओं, एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन आदि की कमी सामने आने के बाद अब दून अस्पताल में दवाओं का गोलमाल सामने आया है। पता चला है कि अस्पताल प्रबंधन को लाखों रुपये की दवाओं का हिसाब नहीं मिल रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, अब इन दवाओं को कागजों में एडजस्ट किया गया है। कुछ डॉक्टरों की ओर से मरीजों को एक बार में 15 दिन तक की दवाएं लिखने की भी बात सामने आई है। इसे देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने अब सामान्य मरीजों को एक बार में पांच दिन से अधिक की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश दिए हैं।

आपूर्ति का रिकॉर्ड भी नहीं
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सालाना ऑडिट में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है। पता चला है कि अस्पताल में एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और अन्य कई दवाओं की खपत बेहिसाब हुई है। कुछ दवाओं की आपूर्ति के रिकार्ड भी पूरे नहीं मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन दवाओं की खपत दिखाने के लिए कागजों को भरने का खेल भी किया गया है। साथ ही डॉक्टरों की भी लापरवाही सामने आई है।
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अब बस पांच दिन की दवाएं
दरअसल, कुछ डॉक्टर मरीजों को ऐसी दवाएं भी एक ही बार में 15 दिन की लिख दे रहे हैं, जिन्हें पांच दिन में लेने ही मरीज ठीक हो जाता है। ऐसे में बाकी 10 दिन की दवा बेकार चली जाती है। साथ ही अगर किसी मरीज ने ज्यादा दिन दवा ले ली तो इससे उसकी सेहत को भी खतरा हो सकता है।

मरीज भी खेल में ‘माहिर’
कई मामलों में मरीजों की ओर से ही ‘खेल’ किए जाने की भी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ मरीज डॉक्टरों की ओर से लिखी गई पर्ची पर खुद ही ज्यादा दवाएं लिखकर काउंटर से इन्हें अधिक ले लेते हैं। इसे देखते हुए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने सभी डॉक्टरों और फार्मेसी अधिकारी को निर्देश जारी किए हैं।

मुहर लगी पर्ची से ही मिलेंगी दवाएं
अस्पताल के फार्मेसी अधिकारी एसएस चौहान ने बताया कि मरीजों की ओर से डॉक्टरों की खिली दवा की पर्ची में छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद अब अस्पताल की मुहर लगी छोटी पर्ची बनाई जा रही हैं। कुछ दिन बाद इन्हीं पर्चियों पर काउंटर से दवा दी जाएगी।

चिकित्सा अधीक्षक का है कहना
कुछ ऐसे पर्चे पकड़ में आए हैं, जिनमें सामान्य दवाएं भी 15 दिन की लिखी गईं थी। इससे दवाओं का हिसाब भी गड़बड़ा रहा है। एंटीबायोटिक, दर्द निवारक जैसी दवाएं ज्यादा दिन खाने से मरीज को साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि सामान्य मरीज को एक बार में पांच दिन से ज्यादा की दवा न लिखें।
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-डॉ. आरएस असवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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