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उत्तराखंड: मेडिकल के छात्रों को इंजीनियरिंग की ज्वाइंट पीएचडी डिग्री मिलेगी, एचएनबी ने दो आईआईटी से किया करार

Thu, 08 Oct 2026 12:02 PM IST
Renu Saklani अमित शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

मेडिकल क्षेत्र में शोध को तकनीकी दक्षता से जोड़ने की दिशा में हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अहम कदम उठाया है। अब यहां पीएचडी करने वाले छात्रों को इंजीनियरिंग क्षेत्र की नई तकनीकों और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
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हेमवती नंदन बहुगुणा विवि - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले छात्रों को अब इंजीनियरिंग की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे छात्रों को बीमारियों से संबंधित शोध करने या बीमारी से संबंधित विशेष मेडिकल उपकरणों को संचालित करने में मदद मिलेगी।

हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी ने मेडिकल छात्रों को आईआईटी का तकनीकी कौशल देने के लिए आईआईटी मंडी, आईआईटी रोपड़ से करार किया है। संस्थान कुछ अन्य आईआईटी संस्थाओं से भी इसी तरह के करार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले छात्रों को अपने शोध कार्य के दौरान मेडिकल फैकल्टी के साथ-साथ आईआईटी के पेशेवर इंजीनियर प्रोफेसरों का मार्ग दर्शन भी मिलेगा। इससे मेडिकल छात्र अपने रिसर्च में इंजीनियरिंग क्षेत्र की नवीनतम तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करना सीख पाएंगे। छात्रों की विषय वस्तु में भी इसके अनुरूप बदलाव किया जाएगा।

पीएचडी करने वाले छात्रों की डिग्री पर इस बात का स्पष्ट उल्लेख होगा कि उसने स्वास्थ्य के क्षेत्र के साथ-साथ आईआईटी फैकल्टी के नेतृत्व में संबंंधित इंजीनियरिंग प्रशिक्षण हासिल किया है। इससे छात्रों को रिसर्च के बाद प्रोफेसर, वैज्ञानिक या अन्य क्षेत्रों में नौकरी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। शुरुआती दौर में यह प्रयोग केवल शोध छात्रों के लिए किया जा रहा है, लेकिन जल्द ही इसे मेडिकल पीजी छात्रों के लिए भी शुरू किया जाएगा।

प्रयोगशालाओं का कर सकेंगे उपयोग

हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र जल्द ही इस करार के अंतर्गत शोध करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद पूरे कोर्स के दौरान छात्र आईआईटी संस्थाओं के उच्च विकसित प्रयोगशालाओं का भी उपयोग कर सकेंगे।

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आज के दौर में स्वास्थ्य शिक्षा अकेले नहीं चल सकती। युवाओं को बेहतर डॉक्टर-वैज्ञानिक बनाने के लिए हमें स्वास्थ्य शिक्षा के साथ एआई और इंजीनियरिंग तकनीक को साथ लेकर चलना होगा। हम वही प्रयास कर रहे हैं जिससे छात्रों को आने वाली चुनौतियों के लिए संपूर्णता के साथ तैयार किया जा सके।  - डॉ. भानु दुग्गल, वाइस चांसलर, हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल यूनिवर्सिटी

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