ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में कल (14 अक्तूबर को) प्रदेशभर में दवा की दुकानें बंद रहेंगी। प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों के भीतर की दवा की दुकानें भी बंद रहेगी। दवा व्यापारी दून अस्पताल से जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली भी निकालेंगे। जिसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा।
रविवार रात रेलवे स्टेशन के समीप एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान अरविंद तायल ने बताया कि प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों के भीतर के दुकानदार भी आंदोलन में शामिल रहेंगे। सुबह चार बजे से रात 12 बजे तक दुकानें पूरी तरह बंद रहेगी। कहा कि व्यापारी सुबह दून अस्पताल में एकत्रित होंगे।
यहां से डीएम कार्यालय तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद डीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन दिया जाएगा। बताया कि केंद्र ने ऑनलाइन दवा बिक्री एक्ट में जो संशोधन किए हैं, उससे दवाओं की गुणवत्ता पर नियंत्रण नहीं रह सकेगा।
लोग घर बैठे अपनी मनमर्जी की दवाएं मंगा लेंगे, जिसके नुकसान भी झेलने पड़ेंगे।
कहा कि इससे नकली और घटिया दवाओं की बिक्री भी बढ़ जाएगी। लोग नशीली दवाएं भी घर बैठे ही मंगा सकेंगे। कहा कि ऑनलाइन बिक्री से दवा विक्रेताओं को नुकसान झेलना होगा। प्रदेश के हजारों व्यापारियों को नुकसान होगा। पत्रकार वार्ता में अनिल घई, नवीन खन्ना, एसके गुप्ता, वाईएस राघव, नीरज जैन समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।