स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा के दौरान आपातकालीन स्थिति में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए निजी मैक्स हास्पिटल, हिमालयन हास्पिटल, इंद्रेश हास्पिटल से भी सेवा लेने का फैसला किया है।
इसके अलावा जो तीर्थ यात्री शुगर, ब्लड प्रेशर के मरीज होने के साथ उम्रदाराज हैं, उनको एहतियातन यात्रा मार्ग पर खासकर केदारनाथ और यमुनोत्री की चढ़ाई शुरू होने वाली जगह पर ही कुछ जीवन रक्षक दवाएं मुहैया करा दी जाएंगी। संयुक्त निदेशक व चारधाम यात्रा प्रभारी डॉ. सरोज नैथानी के अनुसार इसके साथ हृदय रोग से जुड़ी ईसीजी जांच के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है।
स्वास्थ्य कर्मियों को चढ़ाई वाले मार्ग पर बुजुर्ग या उच्चरक्तचाप वाले लोगों का हर हाल में ब्लड प्रेशर की जांच कराने के साथ दवा देने का निर्देश दिया गया है। चारधाम में सिक्स सिग्मा संस्थान कार्डियोलाजिस्ट भी उपलब्ध करा रहा है।
यात्री 104 हेल्पलाइन से भी स्वास्थ्य संबंधी सुझाव ले सकते हैं। अगर यात्रा के दौरान किसी यात्री का निधन हो जाता है, तो शव को नजदीकी जिला अस्पताल या फिर जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक ले जाने के लिए भी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पुख्ता होने का दावा किया है।
व्यापक चिकित्सा सुविधा होगी सुनिश्चित
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर चारधाम यात्रा मार्गों पर व्यापक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठाए गए हैं। यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेडिकल रिलीफ पोस्ट, चिकित्सा इकाइयां, एंबुलेंस, ब्लड बैंक, ट्रॉमा सेंटर आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। बद्रीनाथ धाम में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर लगाया गया है, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री में भी यह व्यवस्था शीघ्र ही शुरू की जाएगी।
यात्रा मार्ग पर चिकित्सा अधिकारी/फार्मेसिस्ट एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। यात्रा मार्गों में कुल 20 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाए गए हैं। आठ स्थानों पर फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 103 स्थानों पर चिकित्सा इकाईयां बनाई गई हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों, फार्मेसिस्टों एवं स्टाफ नर्स की समुचित व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा मार्ग में 50 प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।