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#Me Too: आरोपी भाजपा नेता को हटाने की बात से सन्नाटे में पदाधिकारी, आखिर क्यों नहीं कर रहे घोषणा?

Tue, 06 Nov 2018 10:30 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट - फोटो : amar ujala
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भाजपा हाईकमान यौन उत्पीड़न में अहम कुर्सी से हाथ धो बैठे संघ पृष्ठभूमि के भाजपा नेता की आधिकारिक विदायी की घोषणा से कन्नी काट रहा है। हालांकि, पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्र आॉफ द रिकार्ड आरोपी नेता के बिस्तर गोल होने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर पुष्ट घोषणा के सवाल पर चुप्पी साध जाते हैं। पीड़िता के सनसनीखेज आरोप के खुलासे के बाद से ही संघ व भाजपा हाईकमानने उक्त चर्चित नेता के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने में देर नहीं लगायी।

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सामने ये भी आया कि गोपनीय तरीके से इस अहम फैसले को लीक भी कर दिया। एक बड़े नेता ने तो यह कहने में भी गुरेज नहीं किया कि अब वो कार्यालय आएंगे तो सिर्फ अपना सामान ही लेने आएंगे। लेकिन मी टू के इस प्रकरण के बाद आरोपी नेता से संपर्क साध रहे बड़े नेताओं को निराशा ही हाथ लगी है, और न ही आरोपी पदाधिकारी कार्यालय ही लौटा है।
 
चूंकि, उत्तराखंड भाजपा में आयी मी टू की इस सूनामी से संघ समेत पार्टी के किले को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है। उत्तराखंड से चली इस सूनामी की मार ने दिल्ली और नागपुर तक को झकझोर कर रख दिया। मी टू के इस ज्वालामुखी से भाजपा को समूचे देश में शर्मसार भी होना पड़ा।

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ऐसे में अगर भाजपा इस मुद्दे पर आरोपी नेता को हटाने संबंधी आधिकारिक घोषणा या बयान जारी करती है तो विरोधी दलों को हमले का ठोस आधार मिल जाएगा। और फिर भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर मी टू पर अपमानजनक किरकिरी का सामना करना पड़ेगा। इस नए राजनीतिक खतरे को भांपते हुए भाजपा हाईकमान मौन रहकर इस ज्वालामुखी के ठंडे होने के इंतजार में है।

गौरतलब है कि मी टू पर प्रदेश भाजपाध्यक्ष अजय भट्ट ने रविवार को बयान देने की बात कही थी। लेकिन उनका कोई बयान नहीं आया। भाजपा से जुड़े सूत्र का कहना है कि उत्तराखंड के मौजूदा निकाय चुनाव की वजह से भी आरोपी की विदायी की आधिकारिक घोषणा नहीं की जाएगी।
 
पद से हटाने के फैसले के सार्वजनिक होते ही विपक्ष पूरा चुनाव मी टू पर शिफ्ट कर देगा। चुनाव में यही एक मुद्दा छाया रहेगा। और समूचे प्रदेश में भाजपा उम्मीदवारों को स्थानीय स्तर पर भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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बैकफुट पर आयी भाजपा पूरे चुनाव भर जवाब ही देती रह जाएगी। उत्तराखंड का निकाय चुनाव लोकसभा चुनाव की रिहर्सल माना जा रहा है। निकाय चुनाव में जीत-हार से प्रदेश भाजपा नेतृत्व के भविष्य की दशा-दिशा भी तय होगी।  

आरोपी की विदायी की पुष्ट घोषणा के संभावित खतरों का दिल्ली व देहरादून में गहन मंथन के बाद भाजपा नेतृत्व ने होंठ सिल लिए हैं। मी टू का चर्चित आरोपी नेता का मोबाइल स्विच ऑफ है। वो अभी तक कार्यालय सामान लेने भी नहीं आया है। विरोधी दलों की निगाहें पीड़िता के अगले कदम पर टिकी है। पीड़िता के प्राथमिकी दर्ज कराते ही सन्नाटे में बैठे भाजपा नेतृत्व को भी चुप्पी तोड़नी पड़ेगी। ये क्षण भाजपा के लिए विशेष कष्टकारी साबित होगा।

मी टू पर महिला ताल ठोक कर सामने आती है। अभी तक प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई है। आप ही बताएं क्या बयान दूं।
-अजय भट्ट, प्रदेश भाजपाध्यक्ष
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