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#MeToo में फंसे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता, महिला कार्यकर्ता ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

Sat, 03 Nov 2018 08:43 AM IST
राकेश खंडूरी, अमर उजाला, देहरादून
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देश की सियासत में तूफान मचाने वाले मी-टू का ज्वालामुखी उत्तराखंड भाजपा को झुलसाने के लिए तैयार है। आरएसएस-भाजपा से जुड़ी एक महिला कार्यकर्ता ने संगठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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आरोपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक के प्रचारक रहे हैं और संगठन में अहम ओहदे पर हैं। पीड़िता का कहना है कि जिस मोबाइल में यौन उत्पीड़न से संबंधित कई अहम साक्ष्य हैं, उसे साजिश के तहत छीन लिया गया। साथ ही वे यह भी दावा करती हैं कि बावजूद इसके मेरे पास अभी भी कुछ साक्ष्य हैं।

यही नहीं पीड़िता ने दावा किया कि उन्होंने सारे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पुलिस को तहरीर दी, मगर मोबाइल की गुमशुदगी दर्ज करके उन्हें टरका दिया गया। पार्टी के कई जिम्मेदार पदाधिकारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें अमर उजाला के पास आना पड़ा। वैसे तो यौन उत्पीड़न में पीड़िता का आरोप ही काफी है, मगर पीड़िता ने अखबार को आरोपों के संबंध में कुछ ऐसा साक्ष्य दिखाए, जो सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइन के मुताबिक किसी को यौन उत्पीड़न का आरोपी मानने के लिए काफी हैं।

भाजपा सरकार-संगठन ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया तो पूरी हकीकत जांच में सामने आ जाएगी। पीड़िता का कहना है कि आरोपी वरिष्ठ पदाधिकारी से वे तब संपर्क में आई जब उन्हें आजीवन सहयोग निधि अभियान के दौरान प्राप्त हुए चेकों की एंट्री करने के लिए प्रदेश भाजपा कार्यालय में भेजा गया था।

उस दौरान आरोपी पदाधिकारी उनसे फोन पर बार-बार बातें करते थे। पीड़िता का आरोप है कि पदाधिकारी ने उन्हें कुछ आपत्तिजनक चीजें भेजी और अश्लील वार्तालाप की। अश्लील हरकत भी की।

इसकी शिकायत उन्होंने पार्टी के कई लोगों से कीं। बकौल पीड़िता ‘हर किसी ने यही कहा कि मैं इतने बड़े व्यक्ति पर झूठे आरोप लगा रही हूं। मुझसे आरोपों को लेकर सबूत मांगे गए।

इन परिस्थितियों में मैंने मजबूर होकर पदाधिकारी की आडियो-वीडियो कॉल रिकार्डिंग की। पार्टी में मैंने अलग-अलग स्तरों पर लोगों को दिखाई। दुख की बात है कि इन लोगों ने कोई कार्रवाई करने के बजाए, ये सारी बातें आरोपी पदाधिकारी को ही बता दी।

 उनका कहना है कि उसे साजिश के तहत महिला मोर्चा की एक पदाधिकारी ने अपने घर पर बुलाया और वहां धोखे से मोबाइल छीन लिया गया। 
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विवादों में रहे हैं आरोपी पदाधिकारी

पीड़िता ने भाजपा के जिन वरिष्ठ पदाधिकारी पर आरोप लगाया है, वो संगठन में कई विवादों में रहे हैं। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा है। कुछ साल पहले  प्रदेश संगठन में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रचारक के रूप में वे हरिद्वार समेत प्रदेश के कई जनपदों में काम कर चुके हैं। पीड़िता के आरोप से पहले भी पार्टी के भीतर उनके बारे में इस तरह की चर्चाएं आम रहीं। 

विनय गोयल का सफेद झूठ  
पीड़िता का कहना है कि इस पूरे मामले में उसने भाजपा महानगर के अध्यक्ष विनय गोयल से भी शिकायत की। हालांकि गोयल का कहना है कि पीड़िता ने उनसे फोन पर कुछ बताने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं किया। इसके विपरीत पीड़िता ने सात अगस्त 2018 का गोयल से हुई वार्ता का एक वीडियो सौंपा है, जिसमें वे इसी पूरे मसले पर वे पीड़िता से तफसील से बात करते नजर आ रहे हैं। 
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