उत्तराखंड शासन ने गुरुवार को दून का मास्टर प्लान जारी तो कर दिया, लेकिन एमडीडीए की वेबसाइट पर इस प्लान को शनिवार को दोपहर बाद अपलोड कर दिया गया।
बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग
इस प्लान से इससे आम आदमी को तो राहत मिली है, लेकिन सबसे बड़ी कामयाबी भू-माफिया को मिली है। जिन 23 कृषि क्षेत्रों को आवासीय घोषित किया गया है वहां पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग की गई है।
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इनके वैध होते ही जमीनों के दाम बढ़ जाएंगे और बिल्डरों की चांदी हो जाएगी। एमडीडीए की कार्रवाई के भय में जी रहे भूमाफिया निश्चिंत होकर अपना कारोबार कर सकेंगे।
जानकार बताते हैं कि मास्टर प्लान घोषित होने में जो देरी हो रही थी उसकी मुख्य वजह राजधानी के आसपास क्षेत्रों में सक्रिय भूमाफिया ही थे।
चूंकि इन लोगों ने इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग कर रखी है और इनमें से कइयों को एमडीडीए ने नोटिस थमा रखा है। ऐसे में यह चाहते थे कि इन क्षेत्रों को मास्टर प्लान में शामिल कर लिया जाए।
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यही वजह थी कि एमडीडीए से लेकर सचिवालय तक में इस लाबी के लोग बड़े दिनों से सक्रिय थे। सूत्र बताते हैं कि यह लॉबी अपने मकसद में कामयाब हो गई है। अब 23 क्षेत्रों में हजारों बीघा जमीन में फैली अवैध प्लाटिंग वैध हो जाएगी।
ये इलाके कृषि से आवासीय हुए
मोथरोवाला, बंजारावाला, कुआंवाला, जमनीवाला, मोहकमपुर कला, पथरीबाग, देहराखास, कारगी ग्रांट, ब्राह्मणवाला, नवादा, इंदरपुर, बदरीपुर, अजबपुर खुर्द, अस्थल, सुद्धोवाला, दनियो का डांडा, आजाद कॉलोनी, बाबा नामदेव एनक्लेव, बिष्ट गांव और बदरीपुर इलाके शामिल हैं। इनके अलावा कैंट क्षेत्र से अलग हुए आबादी क्षेत्र को शामिल किया गया है।
लोगों को राहत
ऐसे इलाकों में जिन लोगों ने घर या प्लाट खरीद रखा है उनके लिए भी बड़ी राहत है। अब वे अपने घर का नक्शा पास करा सकेंगे। नक्शा पास होते ही उन्हें बैंक से घर बनाने के लिए लोन मिल जाएगा।
कॉलोनी या घर वैध होते ही उसकी कीमत बढ़ जाएगी। आए दिन एमडीडीए की तरफ से मिलने वाले नोटिसों से मुक्ति मिल जाएगी।
एमडीडीए की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। कॉलोनी या घर के ध्वस्त होने का खतरा भी टल गया है। अब लोग अपने नक्शे भी कंपाउंड करा सकेंगे।
एमडीडीए को लाभ
मास्टर प्लान लागू होने के बाद एमडीडीए को भी फायदा होगा। अवैध कॉलोनियां और घर वैध होंगे तो उसके बदले में एमडीडीए को करोड़ों का राजस्व मिलेगा।
दलालों को नुकसान
अवैध प्लाटिंग को वैध कराने में सक्रिय दलालों को नुकसान हो गया है। होता यह था कि भूमाफिया कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग करता था। फिर उसे बिकवाने से लेकर वैध कराने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने तक के लिए दलाल सक्रिय हो जाते थे।
ऐसे लोग एमडीडीए के अधिकारियों और बिल्डरों के बीच मामले को सुलझाने का काम करते थे और बदले में अपना कमीशन लेते थे। मास्टर प्लान लागू होने से अब इनकी दुकान इन इलाकों में बंद हो जाएगी।
भूमाफिया अब दूसरे क्षेत्रों में होगा सक्रिय
एक बार अपने मकसद में कामयाब होने के बाद भूमाफिया अब शहर से लगे उन क्षेत्रों में सक्रिय होगा जहां अभी खेती हो रही है। अब वह ऐसे इलाकों में अवैध प्लाटिंग करेगा और उन्हें सस्ते में बेचेगा।
उसका दावा होगा कि वह इन इलाकों को भी एक न एक दिन वैध करा देगा। उदाहरण के लिए वह मास्टर प्लान में शामिल क्षेत्रों का उल्लेख करेगा। इस तरह अब शहर के आसपास या शहर के बीच में बचे खेतों पर भूमाफिया की नजर टिक जाएगी।
कारगी क्षेत्र वालों को बड़ी राहत
कारगी और हरिद्वार बाईपास क्षेत्र में बड़े भूभाग पर जमीनों को सरकारी कार्यालय के लिए दर्शाया गया है। इस क्षेत्र में जिन लोगों की जमीनें थीं वह न तो निर्माण कर पा रहे थे, न ही अपनी जमीन को बेच पा रहे थे।
सस्ती दर पर अपनी जमीन सरकार को बेचना उनकी मजबूरी थी। नए मास्टर प्लान में इस क्षेत्र को शामिल करने से ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
अब वह अपनी जमीन का मनचाहा उपयोग कर सकेंगे। इससे इस क्षेत्र में जमीनों के दाम तो बढ़ेंगे लेकिन दलालों माध्यम से सक्रिय लोगों को लगाम भी लगेगी।
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