देहरादून में कुछ दुकानदार रि-डेवलपमेंट प्लान की आड़ में चालबाजी कर रहे हैं। चकराता रोड विस्थापन में कई दुकानदारों को अपनी दुकानें-मकान गंवाने पड़ी थीं।
दुकानों पर फिर कब्जा कर लिया
वहीं आरजीएम प्लाजा के 13 दुकानदार ऐसे रहे, जिन्हें दुकानें पूरी तोड़े बिना ही एमडीडीए कांप्लेक्स में नई दुकानें मिल गईं। इन दुकानदारों ने अब पुरानी दुकानों पर फिर कब्जा कर लिया है।
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चकराता रोड चौड़ीकरण के दौरान शुरुआत से ही आरजीएम प्लाजा पर एमडीडीए, लोक निर्माझा विभाग, जिला प्रशासन और अन्य विभागों का रुख नर्म रहा। कई आपत्तियों के बावजूद प्लाजा की दुकानों को पूरा ध्वस्त नहीं किया जा सका।
कांप्लेक्स में दुकानें आवंटित
दिखावे के लिए 13 दुकानों का कुछ हिस्सा तोड़कर दुकानदारों को घंटाघर स्थित कांप्लेक्स में दुकानें आवंटित कर दी गईं। अब इन दुकानदारों ने पुरानी दुकानों पर न सिर्फ कब्जा कर लिया है, वे यहां निर्माण भी कराने लगे हैं।
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उनकी कोशिश है कि रि-डेवलपमेंट प्लान की जद में आने की सूरत में वे फिर लाभ लें। इससे एमडीडीए की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहा है।
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