निर्माण पर महिला ने जताई है आपत्ति
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उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी की विवादित जमीन का सर्वेक्षण अब एमडीडीए और कैंट बोर्ड साथ मिलकर करेंगे। एमडीडीए इस बाबत कैंट के सीईओ को पत्र भेज रहा है। जल्द ही तिथि तय की जाएगी। इसके बाद दोनों संस्थानों के अधिकारी सर्वे करने जाएंगे। दरअसल, विवादित जमीन एमडीडीए की महायोजना के हिसाब से अपरिभाषित श्रेणी में है।
देहरादून के केहरी गांव में यूपी के पिछड़ा वर्ग एवं समाज कल्याण मंत्री साहब सिंह सैनी की जमीन है। यहां निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी एक महिला ने राज्यपाल के सलाहकार के ओएसडी प्रकाश उपाध्याय को शिकायत की थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एमडीडीए ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद काम रुकवा दिया था।
मंत्री की पत्नी पहुंचीं एमडीडीए
मंगलवार को मंत्री की पत्नी एमडीडीए में जमीन की स्थिति साफ करने की गुहार लेकर पहुंचीं। उनका कहना था कि अगर जमीन एमडीडीए के क्षेत्र में है तो वह कंपाउंडिंग के लिए तैयार हैं। चूंकि एमडीडीए की महायोजना 2025 के हिसाब से यह जगह अपरिभाषित श्रेणी में आती है।
लिहाजा, मामले में एमडीडीए के सचिव पीसी दुमका ने संबंधित अधिकारी को कैंट बोर्ड के साथ मिलकर सर्वे करने के निर्देश दिए। इसके लिए एमडीडीए कैंट बोर्ड के सीईओ को पत्र भेज रहा है। जल्द ही तिथि तय की जाएगी। जमीन का सर्वेक्षण होने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि जमीन एमडीडीए के अधीन है या कैंट बोर्ड की। अगर एमडीडीए के अधीन हुई तो प्राधिकरण उसी हिसाब से कार्रवाई करेगा।
भूतल किया सीज
एमडीडीए ने अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को रायपुर में अवैध निर्माण कार्य को सीज कर दिया। एमडीडीए के एई एसएस रावत, जेई हेमंत रावत, प्रमोद मेहरा, पीएन बहुगुणा व पुलिस बल ने रायपुर में ईश्वर चंद्र शर्मा की ओर से भूतल पर व्यवसायिक कम आवासीय निर्माण को सील किया।