श्रीनगर और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड की व्यवस्था
बॉन्ड धारी डॉक्टरों के पहाड़ों में जाने से इन्कार करने पर सरकार दून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। वर्तमान में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और अल्मोड़ा में एमबीबीएस पढ़ाई के लिए बॉन्ड की व्यवस्था है। बॉन्ड भरने वाले डॉक्टरों से सरकार 50 हजार फीस लेती है। जबकि बिना बॉन्ड वाले डॉक्टरों की फीस चार लाख तक होती है।
सरकार सख्त, बॉन्ड तोड़ने पर होगी दो करोड़ की वसूली
बॉन्ड व्यवस्था में एमबीबीएस, पीजी और यूजी की पढ़ाई सस्ती दरों की जाती है। पूर्व में बॉन्ड की शर्तों का पालन न करने वाले डॉक्टरों से पूरी फीस की वसूली की जाती थी। इसमें एमबीबीएस डॉक्टरों से 20 से 25 लाख और पीजी बॉन्ड धारक से एक करोड़ की वसूली की जाती है। अब सरकार ने जुर्माने के रूप में दो करोड़ वसूलने की तैयारी कर रही है।
नोटिस देने के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटेबॉन्ड धारी डॉक्टरों को सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए। बावजूद इसके वे ड्यूटी पर नहीं लौटे। इसके बाद सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से डॉक्टरों को आरसी जारी कर वसूली की कार्रवाई की है।
33 लाख तक भरा जुर्माना
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से बॉन्ड व्यवस्था से मेडिकल की पढ़ाई करने वाले दो डॉक्टर ने बॉन्ड तोड़ने के लिए 33-33 लाख तक जुर्माना भरा है।
बॉन्ड तोड़ने वाले डॉक्टरों पर सरकार सख्ती बरती रही है। अब यदि कोई डॉक्टर बॉन्ड की शर्तों का पालन नहीं करता है तो उससे दो करोड़ तक वसूली की जाएगी बॉन्ड व्यवस्था के तहत मेडिकल की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर को पांच साल पहाड़ में सेवाएं देना अनिवार्य है। -डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: पहाड़ी इलाकों में भीषण जल संकट की आहट...461 स्रोतों का 76 प्रतिशत से ज्यादा पानी सूखा
| जिला |
तैनात बॉन्ड धारी डॉक्टर |
अनुपस्थित |
| नैनीताल |
55 |
05 |
| बागेश्वर |
03 |
05 |
| चंपावत |
45 |
04 |
| पिथौरागढ़ |
62 |
04 |
| अल्मोड़ा |
61 |
12 |
| यूएसनगर - |
00 |
20 |
| देहरादून |
04 |
10 |
| पौड़ी |
64 |
13 |
| उत्तरकाशी |
30 |
06 |
| टिहरी |
59 |
09 |
| रुद्रप्रयाग |
19 |
03 |
| चमोली |
64 |
03 |
| हरिद्वार |
00 |
15 |
| कुल |
466 |
109 |