एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को थ्योरी आधारित पढ़ाई के बजाए प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही छात्रों को स्थानीय भाषाओं पर पकड़ बनाने और मरीजों से बेहतर संवाद भी अब कॉलेज में सिखाए जा रहे हैं।
कोर्स में कंटेंट के साथ कोई बदलाव नहीं करते हुए एमसीआई ने कुछ नए विषय मेडिकल के छात्रों के लिए जोड़ दिए हैं। दक्षता आधारित एमबीबीएस की पढ़ाई, प्रैक्टिकल और परीक्षा के पैटर्न को भी बदला है। इस सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई की शुरुआत फाउंडेशन कोर्स से हुई है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने लॉगबुक अनिवार्य कर दी है। इससे न केवल छात्र बल्कि शिक्षकों का भी एक तरह से मूल्यांकन होगा। रोजमर्रा की गतिविधियां इस रोजनामचे में शामिल होंगी।
-प्रो. विजय जुयाल, एग्जाम कंट्रोलर, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी