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पहाड़ी से गिरा भारी भरकम बोल्डर, अनियंत्रित होकर मैक्स नदी में गिरी, तीन की मौत

Sun, 05 Aug 2018 06:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार/दुगड्डा
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accident - फोटो : amar ujala
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दुगड्डा-लक्ष्मणझूला राजमार्ग पर दुगड्डा-हनुमंती के बीच आमडाली के पास रविवार को पहाड़ी से भारी भरकम बोल्डर मैक्स वाहन पर गिर गया। इसके बाद मैक्स अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। दुर्घटना में चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भिजवा दिया है।    

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एसआई विनोद कुमार ने बताया कि डाडामंडी से सवारियां लेकर एक मैक्स वाहन दुगड्डा आ रहा था। रास्ते में आमडाली के समीप अचानक पहाड़ी से मैक्स के ऊपर भारी भरकम बोल्डर आ गिरा। बोल्डर के गिरते ही वाहन अनियंत्रित होकर 30 फीट नीचे बह रही लंगूरगाड़ में जा गिरा। मैक्स के नीचे गिरते ही वाहन में चीख पुकार मच गई। मार्ग पर गुजर रहे लोगों ने दुर्घटना की तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों की मदद में जुट गए।  सूचना पर मौके पर पहुंची दुगड्डा चौकी पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।     

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दरवाजा तोड़कर फंसे हुए घायलों को बाहर निकाला

Accident
पुलिस ने नदी में पलटी मैक्स का दरवाजा तोड़कर फंसे हुए घायलों को बाहर निकाला। इसमें चालक चीनी मिल (बिजनौर) हाल निवासी सुभाष बाजार (दुगड्डा) कपिल कुमार (24) पुत्र बाबूराम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को पुलिस द्वारा पीएचसी दुगड्डा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।  

उपनिरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान ग्राम मांडई (हनुमंती) निवासी हर्षिता (16) पुत्री मोहन और कांडाखाल के ग्राम जवाड़ निवासी प्रीति (35) पत्नी जीतेंद्र के रूप में की गई है। सूचना मिलने के बाद उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता और कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया और चिकित्सालय पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
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उपचार नहीं करने का आरोप

accident - फोटो : graphic
यमकेश्वर विधायक रितु खंडूड़ी ने मैक्स दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।  उधर, मृतकों के परिजनों ने चिकित्सालय प्रशासन पर समय पर उपचार नहीं करने का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों के समक्ष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समय पर मृतकों का उपचार किया जाता तो वे बच जाते। डाक्टरों द्वारा समझाए जाने पर परिजन बमुश्किल माने। डा. शैलेंद्र बड़थ्वाल ने बताया कि पुलिस द्वारा घायलों को अस्पताल लाने से पहले उनकी मौत हो चुकी थी। 
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