मातृसदन ने तीन दिन पहले गंगा में वन विकास निगम का खनन खोलने पर नैनीताल हाईकोर्ट में अवमानना का केस दायर किया है। इसमें प्रदेश के मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास सचिव, जिलाधिकारी हरिद्वार, डीएफओ हरिद्वार और वन विकास निगम के डीएलएम को पक्षकार बनाया है।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंगा में खनन को लेकर बीते दिसंबर माह में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-5 लागू की थी। जिसके तहत गंगा में किसी भी तरह के खनन को पूर्ण प्रतिबंधित करते हुए क्रशरों को पांच किलोमीटर दूर हटाने के आदेश दिए गए हैं।
आदेश के क्रियान्वयन को लेकर सीधे तौर पर जिलाधिकारी और एसएसपी की जवाबदेही तय की गई है। कई महीने तक भी प्रशासन इसे लागू नहीं करा पाया। तब फेरूपुर निवासी एक ग्रामीण ने इस संबंध हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।