स्वामी शिवानंद ने कहा कि अगर इस मामले में अधिकारी क्षमता भी मांग लें तो काम नहीं चलेगा। उन्हें यह बताना पड़ेगा कि किसके निर्देश पर उन्होंने यह पूरा षडयंत्र रचा। उन्होंने अफसरों के साथ ही राज्य, केंद्र के नेताओं तक पर साजिश का आरोप जड़ा। आरोप लगाया कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्री के पीआरओ के पिछले दिनों हरिद्वार दौरा करने के बाद से ही मातृ सदन के खिलाफ साजिश शुरू हुई है।
जांच के बाद हाईकोर्ट में करेंगे केस
स्वामी शिवानंद के अनुसार पहले वह कुछ अधिकारियों के खिलाफ ही हाईकोर्ट में केस दर्ज करने वाले थे, लेकिन अब उन सभी लोगों के खिलाफ केस कराएंगे, जो पद्मावती को आश्रम से उठाने के बाद उनके चरित्र पर उंगली उठाने की साजिश में शामिल रहे हैं।
स्वामी शिवानंद सरस्वती ने साफ कहा कि मातृ सदन के अनशनकारी हरिद्वार की सीएमओ के अधीनस्थ किसी भी डॉक्टर से अपना मेडिकल टेस्ट नहीं कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत मेडिकल रिपोर्ट बनाने वालों से संतों की जान को भी खतरा है।
जारी रहा अनशन
साध्वी पद्मावती के साथ ही ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन शनिवार को भी जारी रहा। दोनों ने अपनी मांगे पूरी हो जाने तक अनशन जारी रखने की बात कही है। वहीं, स्वामी आत्मबोधानंद ने कहा कि अगर प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाने की कोशिश की कोई और संत अनशन पर बैठेगा।