टीवी रियलिटी शो मास्टर शेफ के जरिये खाने की दुनिया में छाने का ख्वाब पाले 125 प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया।
देहरादून में आयोजित ऑडिशन में गढ़वाल की पारंपरिक डिशेज खास रहीं। रविवार को राजपुर रोड स्थित होटल मधुबन में सुबह नौ बजे ऑडिशन शुरू हुए। अधिकतर प्रतिभागी झंगोरे की खीर, कोदे की रोटी, भट्ट की चटनी जैसे पारंपरिक गढ़वाली व्यंजन लाए थे।
कुछ प्रतिभागी बिल्कुल नए तरह के पकवान लाए थे। रात दस बजे तक ऑडिशन जारी रहा। सिन्मिट कम्युनिकेशंस के दलीप सिंधी ने बताया कि चयनित प्रतिभागियों को चैनल की टीम फोन पर जानकारी देगी। इसके बाद दिल्ली में अगला ऑडिशन होगा।
निर्णायकों में जेपी होटल मसूरी के एग्ज़ीक्यूटिव हेड शेफ तरुण नैयर और आईएचएम के हेड शेफ पुलकित थे। मास्टर शेफ की टीम से चेताली मुखर्जी और नैना भी उपस्थित रहे।
ढाबे में बनाय खाना
मथुरा में एक ढाबे पर काम करने वाले मधुसूदन और संजय शर्मा शनिवार को ही दून पहुंच गए थे। यहां आकर मालूम हुआ कि डिश घर से बनाकर लानी थी। इसके बाद उन्होंने कई होटलवालों से रिक्वेस्ट की, लेकिन किसी ने खाना नहीं बनाने दिया।
आखिर एक ढाबेवाला माना। चूल्हा और बर्तन देने के लिए उसने दो सौ रुपये लिए। मधुसूदन ने बताया कि खाना बनाने के लिए सामान और क्रॉकरी बाजार से खरीदी। बताया कि मथुरा से दून आने और खरीदारी में ही आधी तनख्वाह चली गई।