अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने हनोल स्थित महासू मंदिर क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत होने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मंदिर की परंपरागत व्यवस्थाओं के अनुरूप ही मास्टर प्लान को लागू किया जाएगा।
महासू मंदिर क्षेत्र में 120 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाने हैं। क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने अपर मुख्य सचिव को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपा। कहा कि देवता की परंपरागत व्यवस्था के अनुरूप मंदिर प्रबंधन समिति पिछले 24 वर्षों से कुशलता पूर्वक प्रबंधकीय व्यवस्था का संचालन कर रही है। मंदिर समिति ने 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है और 12 साल से भंडारे का संचालन निरंतर कर रही है। चढ़ावे की धनराशि से हनोल में कई विकास कार्य किए गए हैं, जिसका प्रत्यक्ष लाभ श्रद्धालुओं को मिल रहा है। मंदिर समिति व स्थानीय लोगों ने अपर मुख्य सचिव से क्षेत्रवासियों की जनभावना और जनजातीय समुदाय की परंपराओं, संस्कृति की विरासत को संरक्षित रखते हुए कार्य करने की अपील की। मास्टर प्लान के तहत हनोल में एक हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाली सराय का निर्माण, पांच सौ श्रद्धालुओं की क्षमता का लंगर हाल बनाने की मांग की। इसके अलावा सुविधायुक्त सार्वजनिक शौचालय का निर्माण, 200 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था, तमसा नदी किनारे स्नान घाट का निर्माण, मंदिर की परंपरागत पूजा पाठ व्यवस्था से जुड़े सभी नौ हक-हकूकधारियों के लिए आवासीय सुविधा, प्रभावित ग्रामीणों को उचित अनुग्रह राशि दिलाने, बस्ती क्षेत्र में सीवर लाइन और हैलीपेड बनाने की मांग रखी। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि मंदिर समिति व स्थानीय लोगों के सुझाव के आधार पर देवता की परंपरागत व्यवस्था के अनुरूप मास्टर प्लान को लागू किया जाएगा। इस मौके पर बावर खत के सदर स्याणा व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, एसडीएम योगेश सिंह मेहरा, निदेशक जगत सिंह चौहान, तहसीलदार सुशीला कोठियाल, परियोजना प्रबंधक ब्रिडकुल संजय जैन, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, थाना प्रभारी विनय मित्तल, शांठी बिल के वजीर दीवान सिंह राणा, मंदिर समिति के सचिव मोहनलाल सेमवाल, चंदराम, रघुवीर सिंह रावत, पुजारी शोभाराम नौटियाल आदि मौजूद रहे।